हिस्ट्रीशीटर का बेटा समेत दो अब भी फरार
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जेलर पर जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपी रविवार को हुई मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरे को पुलिस ने घेरकर दबोचा। हालांकि, घटना में शामिल हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव का बेटा व एक अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश में जुटी हुई है।
झांसी जेल में तैनात जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता को 14 दिसंबर को ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद निकलना था। इसके लिए वह जेल से ऑटो में सवार होकर स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान डीआरएम ऑफिस के पास पहले से घात लगातार बैठे लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया था। घटना में जेलर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ भेजना पड़ा था।
इस मामले में हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव के बेटे अमित यादव, सुमित यादव और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी अमित यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपियों को संरक्षण देने पर कोट बेहटा निवासी प्रदीप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी।
इस बीच रविवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुलिया नंबर नौ निवासी अशरफ और नदीम कानुपर हाइवे से मुस्तरा गांव के कच्चे वाले रास्ते से होकर निकलने वाले हैं। इस पर स्वाट टीम और नवाबाद थाना पुलिस ने घेराबंदी कर दी। खुद को घिरता हुआ देख दोनों बाइक लेकर भागने लगे। इसी बीच उनकी बाइक फिसल गई। इस पर अशरफ तमंचा निकालकर पुलिस पर फायरिंग करने लगा। उसने पुलिस पर दो गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई। पैर में गोली लगने के बाद अशरफ गिर गया। उसके साथी नदीम को पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया गया। उनसे बाइक और तमंचा बरामद हुआ है।
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जेल बदलने से खुन्नस रखे थे हिस्ट्रीशीटर के बेटे
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव झांसी जेल में बंद था। यहां जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता से उसकी नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर को हमीरपुर जेल भेज दिया गया था। उसके बेटे सुमित यादव और अमित को लगने लगा था कि जेलर की वजह से जेल बदली गई है। इसी खुन्नस में दोनों ने अशरफ और नदीम के साथ मिलकर 14 दिसंबर को जेलर पर हमला किया था। आठ दिन पहले मुठभेड़ में गोली मारकर पुलिस ने सुमित को पकड़ लिया था, जबकि अमित फरार है।
वारदात की फिराक में था, बना लिया था गिरोह
खुफिया विभाग और प्रशासन को इनपुट मिला था कि हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव जेल में गिरोह बनाकर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी बीच जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान शातिर अपराधियों को अलग-अलग जेल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। डीएम के आदेश पर कमलेश यादव समेत पांच अपराधियों को दूसरे जनपद की जेल में शिफ्ट करा दिया गया था।