अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तापमान में गिरावट की वजह से ठिठुरन बढ़ने लगी है। इसकी वजह से हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज और लकवा के रोगियों की संख्या मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और निजी अस्पतालों में बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में रविवार को हार्ट अटैक के 12, ब्रेन हेमरेज और लकवा के पांच रोगी पहुंचे। वहीं, निजी अस्पतालों में हार्ट अटैक के रोगियों की संख्या में 10-11 तक पहुंच गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी में बेतरतीब दिनचर्या से हार्ट अटैक रोगियों की संख्या बढ़ गई है। सर्दी से नसें सिकुड़ (वासोकोनस्ट्रिक्शन) जाती हैं। रक्त का प्रवाह भी प्रभावित हो जाता है। ऊपर से पसीना नहीं आता, जिससे खून में सोडियम क्लोराइड (नमक) बढ़ने से खून और गाड़ा हो जाता है। नसें सिकुड़ने और खून का प्रवाह प्रभावित होने से ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। इससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। बुजुर्ग ही नहीं, युवाओं को भी सतर्क रहना जरूरी है।
0- सर्दी में बढ़ रहा शुगर का स्तर
चिकित्सकों ने बताया कि सर्दी में शुगर का लेवल तेजी से बढ़ जाता है। इसकी वजह सैर व व्यायाम बंद या कम होना और खानपान की मात्रा बढ़ना है। शुगर रोगियों को खानपान संयमित रखने के साथ सूर्य निकलने के बाद सैर व व्यायाम करना जरूरी है।
0- सर्दी में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- धूप निकले तो सैर करने के लिए जरूर जाएं
- नमक की मात्रा कम करें, वसा से परहेज करें
0-वर्जन
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ठंड की वजह से इमरजेंसी में रोजाना 10-12 रोगी पहुंच रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की संख्या बढ़ी है। सर्दी में सतर्कता ही हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। - डॉ. राम बाबू सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक मेडिकल कॉलेज
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सीने में जलन और हल्का दर्द जरूरी नहीं कि गैस की वजह से हो। इसलिए टालमटोल करने के बजाय नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। - डॉ. निर्देश जैन, कार्डियोलॉजिस्ट