झांसी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) का जिले के 2489 आयकरदाता भी लाभ ले रहे थे। सत्यापन के बाद इन किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि पर रोक लगा दी गई है। तहसील के माध्यम से इन किसानों से वसूली की जाएगी।
केंद्र सरकार काश्तकारों को आर्थिक सहायता देने के लिए लघु व सीमांत किसानों के खाते में हर चार महीने में दो हजार रुपये के हिसाब से कुल छह हजार रुपये प्रतिवर्ष भेज रही है। योजना की शुरूआत में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक किसानों के बैंक खातों में पैसा पहुंचाने का लक्ष्य था। इस कारण अधिकांश किसानों के बैंक खातों में पैसा भेज दिया गया। बाद में जांच हुई।
लाभार्थियों का रैंडम सत्यापन कराया गया। 2020-21 के पांच प्रतिशत व 2021-22 के दस फीसद लाभार्थियों की जांच की गई। इस दौरान पड़ताल में सामने आया है कि तमाम अपात्रों को भी निधि का पैसा दे दिया गया है। इनमें कई किसान तो ऐसे भी पाए गए, जो आयकरदाता हैं। जिले में ऐसे 2489 किसान पाए गए हैं, जो आयकर देते हैं। इन किसानों को दी जाने वाली निधि पर रोक लगा दी गई है।
जिले में हैं 295520 किसान
जिले में किसानों की संख्या 2,95,520 है। इसमें से योजना के अंतर्गत 2,46,150 किसान चिह्नित किए गए हैं। इसके अंतर्गत लघु और सीमांत किसानों की संख्या 1,95,506 है। दो साल में अब तक किसानों के बैंक खाते में 3.28 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।