झांसी। झांसी समेत आसपास के इलाकों में चौबीस घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश के चलते झांसी मंडल के जलाशयों में पानी आना शुरू हो गया है। पानी का दबाव बढ़ने से मंगलवार शाम तक माताटीला बांध के बीस गेट खोलकर करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। हालांकि बेतवा नदी अभी खतरे के निशान से नीचे ही बह रही है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक मंगलवार को पानी की रफ्तार कम हुई है।
बेतवा के कैचमेंट इलाके में रविवार एवं सोमवार को झमाझम बारिश हुई। झांसी समेत आसपास के इलाकों में लगातार बारिश की वजह से माताटीला बांध में काफी पानी पहुंच गया। अधिशासी अभियंता मो.फरीद के मुताबिक पानी अधिक होने से सोमवार देर रात से बांध के गेट खोल देने पड़े। सबसे पहले 16 गेट 6 फुट पर खोले गए। उसके बाद मंगलवार को सभी 20 गेट दो फुट की ऊंचाई पर खोल दिए गए। गेट खुलने के बाद सोमवार को 50 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। जबकि मंगलवार देर शाम तक 1.45 लाख क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया।
इस पानी को छोड़ने के बाद बेतवा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि अभी खतरे की बात नहीं है।
इतना छोड़ा गया बांधों से पानी
सिंचाई विभाग के आंकड़े के मुताबिक मंगलवार को ढुकुवां डैम से 142000 क्यूसेक, पारीछा डैम से 212000 क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। वहीं, धसान नदी में पहाड़ी डैम से 5000 क्यूसेक, लहचूरा डैम से 3200 क्यूसेक, डोंगरी बांध से 800 क्यूसेक, पहूूूंज नदी में 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नोट घाट पर मंगलवार को बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205 मीटर से नीचे 193.62 मीटर पर बह रहा था।
डोंगरी हुआ लबालब, राजघाट में पानी का इंतजार
झांसी समेत आसपास के इलाकों में हुई बारिश के बाद डोंगरी बांध भर गया है। इसके भरने के बाद इसका पानी पहूज नदी में छोड़ा गया। इसी तरह पहूज पर बने चमरुआ डैम से 800 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। उधर, राजघाट डैम में अभी पानी की रफ्तार नहीं बढ़ सकी है। वहां से पानी नहीं छोड़ा गया।