पुरानी नजाई निवासी उज्ज्वल गुप्ता (28) अपने मामा विष्णु गुप्ता के साथ बचपन से ही रहता था। मां लक्ष्मी का अपने पति से विवाद हो गया था। इसके बाद से वह मायके में रहती हैं। विष्णु हरी बैंड के संचालक हैं। उनका पूरा कारोबार उज्ज्वल संभालता था। उज्ज्वल के ही जिम्मे बुकिंग समेत बैंड के अन्य काम भी थे।
परिजनों ने बताया शुक्रवार सुबह करीब दस बजे रोजाना की तरह घर से नाश्ता करके निकला लेकिन, ऑफिस नहीं पहुंचा। ऑफिस न पहुंचने पर परिजनों ने तलाशा तब उसकी बाइक घर से कुछ दूर सूने मकान के पास खड़ी मिली। विष्णु के पहुंचने पर दरवाजा अंदर से बंद था। उनके अंदर देखने पर उज्ज्वल फंदे के सहारे लटका था। यह देखकर उनकी चीख निकल गई। आसपास के लोग जमा हो गए। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरा।
परिजनों ने पुलिस को बताया कुछ दिनों से सूदखोर उज्ज्वल को परेशान कर रहे थे। किसी काम के लिए उसने 73 हजार कर्ज लिया था। यह बात उसके परिवार वालों को भी नहीं पता थी। कुछ दिनों से सूदखोर जब उसे परेशान करने लगे, तब परिजनों को भी इसका पता लगा। बृहस्पतिवार को ब्याज के लिए कुछ लड़कों ने उसे धमकाया था। इसके बाद से वह परेशान था। कोतवाल शैलेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की छानबीन कराई जा रही है।