इस दौरान एक सफेद कार संदिग्ध पाई गई। दूसरी ओर मृतका की शिनाख्त सुनीता उर्फ सावित्री (22) पत्नी नितिन निवासी ग्राम गुरुगांव, थाना भोगनीपुर, कानपुर देहात के रूप में की गई। पुलिस ने कार बरामद करते हुए पप्पू सचान उर्फ अखिलेश, धर्मेंद्र सचान और महिला रानी को हिरासत में लिया। सभी आरोपी कानपुर देहात के गुरुगांव के ही निवासी हैं।
पूछताछ में पप्पू ने बताया कि उनका गिरोह रुपये लेकर शादी कराता है। सुनीता की शादी करीब दो वर्ष पूर्व उन्होंने नितिन उर्फ सोनू निवासी गुरुगांव के साथ कराई थी। नितिन शराब पीता था, जिस कारण पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था।
सुनीता से इसकी जानकारी मिली तो वह उसको झांसी में दूसरी शादी के लिए कहने लगे। उसके इन्कार पर विवाद हुआ। सुनीता ने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी। भेद खुलने के डर से वे सुनीता को कार में बैठाकर झांसी से ललितपुर लाए और रास्ते में तौलिया से गला घोंट दिया। उसका शव तालबेहट में झाड़ियों में फेंक दिया। सुनीता की 11 माह की बच्ची जो उसकी गोद में थी, उसे तालबेहट में एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को जेल भिजवा दिया है। हत्याकांड का मात्र 8 घंटे में खुलासा करने वाली पुलिस टीमों को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
सुनीता के पति नितिन ने पुलिस को तहरीर देकर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उसने बताया कि 4 सितंबर को उसकी पत्नी सुनीता अपनी पुत्री अंशिका के साथ पप्पू उर्फ अखिलेश सचान और उसकी पत्नी विद्यादेवी के घर गई थी। एक बजे दोपहर को वह पप्पू के घर पत्नी और बच्ची के बारे में जानकारी करने गया। यहां बताया कि वह धर्मेंद्र और रानी के घर गई है। उसकी शादी पप्पू और विद्या ने सोनभद्र में एक मंदिर से कराई थी। बुधवार को उसे राजमार्ग पर शव पड़े होने की जानकारी मिली तो वह देखने आया। शव उसकी पत्नी का था।
जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के गुरगांव निवासी नितिन की पत्नी सावित्री उर्फ सुनीता (22) बेटी अंशिका (1) के साथ चार सितंबर को पड़ोस में रहने वाले अखिलेश सचान उर्फ पप्पू के घर जाने की बात कहकर अपने घर से निकली थी। बाद में पता चला कि वह अखिलेश के बेटे रोहित के साथ फोटो खिंचवाने पुखरायां गई है।
दोपहर तक घर नहीं आने पर महिला का पति नितिन अखिलेश के घर पहुंचा तो उसकी पत्नी विद्या देवी ने सुनीता के घर नहीं आने की जानकारी दी। बताया कि सुनीता गांव के धर्मेंद्र व उसकी पत्नी रानी से मिलने गई है। जबकि विद्या देवी की जेठानी ने सुनीता के आने की जानकारी दी। विद्या देवी की जेठानी ने यह भी बताया कि अखिलेश और उसकी पत्नी रुपये लेकर शादी कराने की दलाली करते हैं।
100 किलोमीटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले
इसके बाद मंगलवार रात पुलिस को ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में राजमार्ग पर रेलवे स्टेशन पुल के आगे सड़क के किनारे झाड़ियों में सुनीता की लाश मिलने का पता चला। घटना के आठ घंटे के भीतर ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने मामले का खुलासा करने के लिए छह टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने रात में ही ललितपुर, झांसी व जालौन के टोल प्लाजा व अन्य सीसीटीवी कैमरों के कई सौ किलोमीटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
पर्स के अंदर एक पर्ची में पति का नंबर मिला
इसमें एक सफेद रंग की कार होंडा अमेज की पहचान की गई। साथ ही मृतका की शिनाख्त सुनीता उर्फ सावित्री (22) पत्नी नितिन निवासी ग्राम गुरगांव थाना भोगनीपुर कानपुर देहात के रूप में हुई। सुनीता के शव के पास से ज्वैलर्स के एक पर्स पर भोगनीपुर लिखा हुआ था। पर्स के अंदर एक पर्ची में पति नितिन का फोन नंबर भी मिला था।
पप्पू बोला- उनका एक संगठित गिरोह है
पुलिस ने कार को बरामद करते हुए पप्पू सचान उर्फ अखिलेश पुत्र लक्ष्मीनारायण, धर्मेंद्र सचान पुत्र लालता प्रसाद एवं रानी पत्नी धर्मेंद्र निवासी गुरगांव (भोगनीपुर) को हिरासत में लिया। पूछताछ में पप्पू ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। वह लोग रुपये लेकर शादी कराते हैं। सुनीता उर्फ सावित्री की शादी करीब दो वर्ष पूर्व उन्होंने नितिन उर्फ सोनू सचान कराई थी।
सुनीता को फुसलाकर अपनी कार में बैठाया
पप्पू ने बताया कि नितिन शराब पीता था, जिस कारण पति-पत्नी में अक्सर वाद-विवाद होता रहता था। इस कारण सुनीता पुनः उसके संपर्क में आई। वह लोग सुनीता को बहला-फुसलाकर झांसी में दूसरी शादी कराने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन सुनीता राजी नहीं हुई और उसने पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी थी। भेद खुलने के डर में उन लोगों ने सुनीता को फुसलाकर अपनी कार में बैठाया।
गला घोंटकर मौत के घाट उतारा
इसके बाद झांसी से ललितपुर की ओर आते समय रास्ते में तौलिया से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान न हो सके, इसलिए तालबेहट क्षेत्र में सुनसान जगह पर शव को फेंक दिया था। सुनीता की बेटी को तालबेहट में एक सुनसान जगह पर छोड़कर भाग गए थे। हत्याकांड का मात्र आठ घंटे में सफलतापूर्वक खुलासा करने वाली पुलिस टीमों को एसपी ने 25 हजार रुपये का ईनाम दिया है।