झांसी। मवेशियों के बेहतर इलाज के लिए पशु पालन विभाग द्वारा ग्राम भरारी में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से पॉली क्लीनिक का निर्माण कार्य कराया गया है। निर्माण कार्य का जिम्मा निर्माण एजेंसी यूपीपीसील का सौंपा गया था। निर्माण कार्य के दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पॉली क्लीनिक को शुरू नहीं किया जा सका है।
पशुओं के गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए भरारी फार्म के नजदीक ग्राम भरारी में लगभग दो एकड़ जमीन पर पॉली क्लीनिक का निर्माण कराया गया है। जिसमें सर्जरी, लैब टेस्टिंग, पोस्टमार्टम के साथ ही पशुआें को भर्ती करने की सुविधा की गई है। पॉली क्लीनिक परिसर में चिकित्सक व कर्मचारियों के लिए रहने के लिए आवासों का निर्माण भी कराया गया है। लगभग दो साल पहले निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है। लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा इमारत को अब तक पशुपालन विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। वहीं पॉली क्लिनिक में अभी तक चिकित्सकों व कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। जिसके चलते पॉली क्लिनिक को शुरू नहीं किया जा सका है।
इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेंद्र तोमर ने बताया कि पॉली क्लिनिक इमारत की टेस्टिंग का काम अंतिम चरणों पर है। चिकित्सकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी शासन से पत्राचार जारी है।