चिरगांव (झांसी)। ट्रैक्टर की रफ्तार तेज थी। सड़क पर अचानक जब भैंस आई तो चालक अपना संतुलन खो बैठा। भैंस को बचाने के लिए जब ट्रैक्टर को मोड़ा तो अनियंत्रित हो गया और ट्राली खंदक में गिर गई। ट्रैक्टर-ट्राली में सवार एक युवक ने बताया कि सभी पानी में डूब गए थे। महिलाएं और बच्चे दब गए जिससे उनकी मौत हुई है।
ट्रैक्टर-ट्राली में साथ आ रहे पंडोखर गांव निवासी महेंद्र ने बताया कि 12 बजे के करीब हम सब लोग हंसी- खुशी पंडोखर से चले थे। ट्रैक्टर-ट्राली में मौजूद महिलाएं बच्चों के साथ गाते बजाते चल रही थीं। लोगों ने जवारे भी अपने साथ ले रखे थे। इसी दौरान अचानक एक भैंस ट्रैक्टर के सामने आ गई। इससे चालक ठाकुरदास ने स्टेयरिंग मोड़ दी। दाईं ओर से ट्रैक्टर तो निकल गया लेकिन ट्राली का पहिया खंदक में चला गया। इससे इतना बड़ा हादसा हो गया। उसका कहना है कि पंडोखर से छिरौना तक करीब पचास किलो मीटर के सफर के दौरान कई स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्राली के सामने अन्ना जानवर आए लेकिन चालक ने पहले से देख लिया तो रफ्तार कम कर दी। इससे कोई हादसा नहीं हुआ लेकिन यहां पर अचानक ट्रैक्टर के सामने बाएं तरफ से भैंस आ गई। इसलिए चालक को अचानक ट्रैक्टर दाईं तरफ काटना पड़ा। किसी को यह भी नहीं मालूम था कि उस तरफ खेत के किनारे खंदक में पानी भरा है।
उसका कहना है कि हादसे के दौरान वह सब लोग बदहवास हो गए। हादसे के बाद उधर से गुजर रहे राहगीर मदद के लिए आ गए। इसके अलावा एक ट्रैक्टर-ट्राली आगे निकल गई थी। उसमें सवार लोगों ने देखा कि पीछे वाली ट्रैक्टर-ट्राली अभी तक क्यों नहीं आई। वह लोग मुड़ कर आए तो ट्राली पानी में पलटी पड़ी थी। उसमें सवार लोगों ने तुरंत ट्राली पानी से निकाली। इसके बाद में डूबी महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। डूबने की वजह से ही सात महिलाओं और चार बच्चों की जान चली गई।
महेंद्र ने बताया कि ट्राली से उछल कर वह भी पानी में गिर गया था लेकिन वह आसानी से बाहर निकल आया। इसके बाद उसने भी मदद कर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
उसने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही पंडोखर और छिरौना गांव के लोग भी आ गए। दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।