झांसी। गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में बेहतर लाभ पहुंचाने में बुंदेलखंड के तीन जिले टॉप टेन में हैं। इसमें ललितपुर ने दूसरा, चित्रकूट ने तीसरा और झांसी ने नवां स्थान हासिल किया है। महाराजगंज ने प्रदेश में पहला स्थान पाया है।
पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने पर पात्र लाभार्थी को तीन किश्तों में 5 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उसके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जरूरी होती है। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किए जाते हैं। अपर निदेशक डॉ. अल्पना बरतारिया ने बताया कि जनवरी वर्ष 2017 से शुरू हुई इस योजना से झांसी मंडल में 1.19 लाख से अधिक माताओं को लाभान्वित किया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि एक से सात सितंबर तक चलाए गए पीएमएमवीवाई साप्ताहिक अभियान का उद्देश्य योजना को जनमानस तक पहुंचाना एवं पात्र महिलाओं को योजना से लाभान्वित कराना था।
वर्ष 2017 से अब तक का बुंदेलखंड का आंकड़ा
जनपद लक्ष्य उपलब्धि प्रतिशत
ललितपुर 30861 35800 116.00
चित्रकूट 25054 26722 106.66
महोबा 22173 22032 99.36
बांदा 45458 42353 93.17
झांसी 50490 45764 90.64
जालौन 42694 37502 87.84
हमीरपुर 27897 22816 81.79