झांसी। वित्तमंत्री द्वारा सोमवार को संसद में पेश किए गए आम बजट को राजनीतिक दलों के नुमाइंदे अपने-अपने चश्मे से देख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जहां इसे देश के विकास को गति देने वाला आम आदमी का बजट बताया है, तो वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि वित्तमंत्री ने आंकड़ों की बाजीगरी की है। बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। बुंदेलखंड के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बजट निराशाजनक है।
कोरोना काल की त्रासदी के बाद सोमवार को संसद में पेश किए गए आम बजट से सभी को बड़ी उम्मीद थीं। लेकिन, सरकार ने सभी को निराश किया। किसान, बेरोजगार समेत सभी वर्गों के साथ सरकार ने छलावा किया है।
- प्रदीप जैन, पूर्व केंद्रीय मंत्री
केंद्र सरकार बुंदेलखंड को हमेशा से ही नजरअंदाज करती आ रही है। बजट में भी यही देखने को मिला। जबकि, यहां की परिस्थितियां अलग हैं। सरकार को क्षेत्र के विकास के लिए बजट में प्रावधान करने चाहिए थे।
- डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
कोरोना काल की त्रासदी से उबारने वाला बजट है। बजट में आम आदमी की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा गया है। किसान, युवा, कारोबारी समेत सभी वर्गों के हित का ध्यान रखा गया है। ऐतिहासिक बजट पेश किया गया है।
- मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष - भाजपा
बजट में देश को मंदी से उबारने का कोई प्रावधान नजर नहीं आ रहा है। इसमें बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को संभालने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी की समस्या को बजट से दूर नहीं किया जा सकेगा।
- लालाराम अहिरवार, मुख्य सेक्टर प्रभारी - बसपा