झांसी। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में महिलाओं के अधजले शव मिलने के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस दोनों की शिनाख्त कराने में भी नाकामयाब रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की हत्या की पुष्टि भी हो चुकी है। सवाल उठता है कि आखिर यह महिलाएं कौन थीं और कहां से लाई गई थीं। यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।
26 नवंबर की सुबह थाना कटेरा क्षेत्र स्थित तालपुरा के जंगल में 36 वर्षीय महिला का अधजला शव मिला था। महिला के सिर व गले पर भी चोटों के निशान भी थे। मृतका मंगलसूत्र, सोने की एक अंगूठी, बिछिया, पायल व कान के टॉप्स भी पहने हुई थी। इससे साफ था कि घटना लूट के इरादे से नहीं की गई थी। घटनास्थल मध्य प्रदेश की सीमा से सटा होने के चलते आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क साधा था। लेकिन, सफलता नहीं मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई थी। हत्या के बाद गले से कमर के हिस्से को जलाया गया था।
इधर, 4 दिसंबर को गरौठा के बंगरा क्षेत्र अंतर्गत कचनेव गांव स्थित तालपुरा के जंगल में भी अधजला शव मिला था। सिर का हिस्सा पूरी तरह जला हुआ था। महिला की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या की थी। मौके से दुपट्टे का फंदा भी मिला था। पुलिस ने यहां भी शिनाख्त कराने के प्रयास किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। अब सवाल उठता है कि आखिर यह महिलाएं कौन थीं और कहां से लाईं गई थीं। दोनों की हत्या कर शव फेंककर हत्यारे भाग निकले। पुलिस ने आसपास के जिलों से भी जानकारी जुटाई, लेकिन कुछ भी सुराग नहीं मिल सका।
शिनाख्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। जल्द ही पुलिस दोनों का सुराग हासिल करेगी।
नैपाल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक देहात