फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुछ ऐसी है सियासत की आड़... सरकारी जमीनों पर आ गई कब्जों की बाड़

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। सरकारी जमीनों पर इतने कब्जे। बाप रे बाप। नगर निगम, जेडीए और ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार की गई कब्जों की लिस्ट को अगर देखेंगे तो पता चलेगा कि 1400 कब्जे हैं। यह भी कोई आज के लिए बल्कि वर्षों से चले आ रहे हैं। प्रशासन जब भी कार्रवाई शुरू करता है दबंग लोग कहीं न कहीं सियासत की आड़ लेकर अपना कब्जा बचाने में कामयाब हो जाते हैं। कई जगह तो सियासी पार्टियों के बाकायदा बोर्ड तक लगा लिए हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलने पर 15 साल पहले महानगर सीमा में पंद्रह गांव जोड़े गए थे। जबकि, इससे पहले इन सभी ग्रामों में गांव सभा काम करती थी। महानगर की सीमा में शामिल होने और शहरी विकास होते ही इन गांवों की जमीनों के दाम आसमान पर पहुंच गए थे। इसके साथ ही सक्रिय हो गए थे भूमाफिया। सरकारी तंत्र से सांठगांठ और कागजों में हेरफेर कर भूमाफियाओं ने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया था। अब भी निगम की जमीनों पर 400 कब्जे है। वहीं, ग्राम सभा की जमीनों पर 1000 कब्जे सामने आए हैं। कब्जे की चपेट में ग्राम सभा की ज्यादातर जमीन महानगर सीमाओं और हाईवे के इर्दगिर्द की हैं।
जिला प्रशासन की ओर से इन जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत पिछले तीन दिनों में 15 हेक्टेअर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा चुका है और इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं हैं।
विज्ञापन

जेडीए के 18 प्लॉटों पर सिपाही का कब्जा
झांसी। वीरांगना नगर में स्थित झांसी विकास प्राधिकरण के एलआईजी के 18 प्लॉटों पर एक सिपाही ने कब्जा कर रखा है। प्लॉटों को कब्जा मुक्त कराने की कई बार कोशिशें की गईं, लेकिन हर बार जेडीए नाकाम ही रहा। बता दें कि उक्त स्थान पर एक पुलिस चौकी थी, जिसे शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन तब से ही सिपाही प्लॉटों पर कब्जा जमाए हुए है।
अदालतों में चल रहे हैं 400 मुकदमे
झांसी। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना ने बताया कि जिले की अलग-अलग अदालतों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों से जुड़े 400 मुकदमे विचाराधीन हैं। प्रशासन के सहयोग से जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान छेड़ा गया है।
सांठगांठ से हो जाता है सब काम
झांसी। भूमाफिया सरकारी तंत्र में बैठे अपने नुमाइंदों के जरिये आसानी से सरकार की जमीन को अपना बना लेते हैं। हाल ही में मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने इस तरह के दो मामले पकड़े हैं। झांसी और ललितपुर में कुछ लोगों ने अवैध कब्जे की शिकायत की थी। लेकिन, जब मंडलायुक्त द्वारा अवैध कब्जेदारों की सूची का सत्यापन किया गया तो उक्त शिकायतें दर्ज नहीं पाई गईं। इस पर गहरा असंतोष जताते हुए मंडलायुक्त ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें