अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उत्कल कलिंगा एक्सप्रेस में एक युवक के साथ बरामद हुए बच्चे का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि पकड़ा गया युवक उसके पिता का दोस्त था। वह नशे की हालत में बच्चे के साथ ट्रेन में सवार हो गया था। शुक्रवार को बच्चे को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को रेलवे के चेकिंग स्टाफ ने गाड़ी संख्या 18474 के एसी कोच से एक युवक को पकड़ा था। उसके पास एक बच्चा था। युवक के हाव-भाव से चेकिंग स्टाफ को लगा था कि वो बच्चे का अपहरण कर ले जा रहा है। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर युवक को बच्चे के साथ स्टेशन पर उतार लिया गया था। युवक को जीआरपी के हवाले कर दिया गया था, जबकि बच्चे को चाइल्ड लाइन को सौंंप दिया गया था।
शुक्रवार को जीआरपी की पड़ताल में सामने आया कि ढाई साल के बालक विक्की के पिता शंकर बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और वे ग्वालियर में एक फैक्टरी में काम करते हैं। आरोपी युवक मुरैना निवासी कल्लू बच्चे के पिता का दोस्त है। बच्चे को लेकर माता-पिता गांव जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। उनके साथ कल्लू भी था। पिता और उसके दोस्त ने वहां शराब पी। इसके बाद शंकर अपनी पत्नी को लघुशंका के लिए ले गया था। कल्लू बच्चे की देखभाल कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन आ गई और नशे में धुत कल्लू बच्चे को लेकर सवार हो गया, जिसे बाद में चेकिंग स्टाफ ने पकड़ लिया। जीआरपी इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की पड़ताल के बाद युवक को छोड़ दिया गया, जबकि बच्चे को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है।