फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: किसानों के अरमान गए टूट, पाले ने काला कर दिया गेंदा फूल

Mon, 01 Jan 2024 11:58 PM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। नए साल में गेंदा के फूलों की बिक्री से अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए किसानों के अरमानों पर पाले का साया पड़ गया। बीते एक सप्ताह से लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने बुंदेलखंड के किसानों की सात क्विंटल गेंदा के फूल की खेती को बर्बाद कर दिया। पाला पड़ने से फूल काला पड़ गया है। स्थानीय फूल बर्बाद होने के बाद दिल्ली, इंदौर, कानपुर और शिवपुरी के गेंदा फूल ने पूरा बाजार कब्जा लिया। इसके चलते ग्राहकों को भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।

झांसी जिले में प्रतिदिन 90 क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूल की खपत है। यह मात्रा विवाह के सीजन में बढ़ जाती है। इसे लेकर बुंदेलखंड के किसानों ने गेंदा के फूल की खेती शुरू की। यहां पैदा होने वाला गेंदा थोक बाजार में 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। लेकिन, इस बार गेंदा के फूल की खेती ने 25 बड़े किसानों को बड़ा झटका दिया। इन किसानों ने 33 एकड़ भूमि पर गेंदा के फूल की खेती की थी। लेकिन, इस खेती पर पाला पड़ गया और गेंदा फूल ने अपनी रंगत व आकार खो दिया।
विज्ञापन


200 रुपये किलो तक बिक रहा बाहरी गेंदा
झांसी में अब शिवपुरी, इंदौर, दिल्ली और कानपुर से गेंदा का फूल आ रहा है। किसान इन फूलों को ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। ऐसे में फुटकर के दाम भी दोगुने हो गए हैं। बाहर से आने वाला गेंदा 200 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है।

20 रुपये में बिक रही 25 फूल की माला
फूलों की खेती कर रहे किसान बताते हैं कि झांसी में उगने वाले गेंदे के फूल की माला बाजार में 10 रुपये में बिकती है। इस पर उन्हें दो रुपये का मुनाफा भी मिल जाता है। लेकिन, बाहर से आ रहे गेंदा फूल की कीमत पहले से अधिक है। ऐसे में 25 फूलों की माला 20 रुपये की बिक रही है।

गेंदा फूल की खेती की थी लेकिन पाले ने दो बीघा फसल नष्ट कर दी। बाहर से आ रहा गेंदा ने पूरा बाजार बिगाड़ दिया है। जिसके चलते दाम नहीं मिल पा रहा है। साथ ही फूल खराब होने का डर अलग है। - बासुदेव, किसान

डेढ़ एकड़ में लगी गेंदा की फसल को पाले ने बर्बाद कर दिया। फूल काला पड़ गया है। उसका आकार भी खराब हो चुका है। ऐसे में अब इसे कोई पूछने वाला नहीं है। अब व्यापारी बाहर से फूल मंगवा रहे हैं। - हरिचरण, किसान

ढाई बीघा भूमि पर गेंदा लगाया था लेकिन फूल काले पड़ गए हैं। अब बाहरी फूल खरीद कर अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए फूल माला बेच रहे हैं। अब वह यह खेती नहीं करेंगे। - राहुल कुशवाहा, किसान

दुकानदारी पूरी तरह खराब हो चुकी है। देसी फूल की माला 10 रुपये में बिकती है तो वहीं, बाहरी फूल की माला 20 रुपये में। ऐसे में ग्राहक दोगुने पैसे देने में आनाकानी करते हैं। - मिथिला सैनी, फूल विक्रेता
विज्ञापन


अधिक ठंड के चलते गेंदा फूल में पाला लग गया है। किसानों को चाहिए कि वह खेतों की मेढ़ पर धुआं कर पाले को कम करने का प्रयास करें। देख लें कि पौधों की जड़ में गलन तो नहीं आ रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो तुरंत वेविस्टीन दवा का दो ग्राम प्रति लीटर की मात्रा में घोल बनाकर छिड़काव करें। - डॉ. गौरव शर्मा, वैज्ञानिक, उद्यानिकी, कृषि विवि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें