झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि कुछ पुलिस वालों की करतूतों से पूरा महकमा बदनाम हो रहा है। प्रदेश में कुछ इस प्रकार की घटनाएं हुईं जिससे सरकार की छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि थानों का चार्ज देते वक्त यह जरूर देख लें कि उसका व्यवहार कैसा है। आचरण कैसा है। पूरा मंथन करने के बाद ही तैनाती की जानी चाहिए। अगर कहीं गड़बड़ी होगी तो पुलिस अफसर ही जिम्मेदार होंगे।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की मंशा हर पीड़ित को न्याय दिलाने की है। इसी के लिए पूरा सिस्टम बनाया गया है। पुलिस अफसरों को भी चाहिए कि वह निरंतर थाने और चौकियों का निरीक्षण करते रहें। थानों में क्या चल रहा है इसकी जानकारी भी उन लोगों को होनी चाहिए। कई जगह देखने में आता है कि थानों का चार्ज देने के बाद पुलिस अधिकारी उधर झांकते भी नहीं हैं। उन्होंने अफसरों से कहा कि अगर कहीं कोई बड़ी घटना होती है तो तत्काल घटनास्थल पर जाना चाहिए। एसएसपी और जिलाधिकारी दोनों की ही यह जिम्मेदारी है।
शासन से आदेश आने के बाद ही चेतते हैं अफसर, योगी
झांसी। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जब किसी घटना के बाद लखनऊ से आदेश जारी होता है अफसर तभी चेतते हैं। कई मामले इस तरह के सामने आ चुके हैं। बार बार कहा जा रहा है कि अपराधियों पर कार्रवाई में कोई सुस्ती नहीं होनी चाहिए लेकिन फिर भी अफसर ढिलाई बरत रहे हैं।
सीएम ने कहा कि कुछ पुलिस और प्रशासनिक अफसर आराम तलब हो गए हैं। फील्ड में निकलना बंद कर दिया है। घटनास्थल पर नहीं जाते हैं। ऐसे अधिकारियों के बारे में पूरी रिपोर्ट शासन स्तर पर तैयार की जा रही है। ऐसे अधिकारियों को कहीं का कोई चार्ज नहीं दिया जाएगा।