झांसी/रानीपुर। आग से बुरी तरह झुलस चुके सुखनंदन के शरीर में लगी आग को वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बुझाया लेकिन तब तक वह करीब 90 फीसदी तक झुलस चुका था। शरीर के सारे कपड़े जल गए थे। जिसने भी यह दृश्य देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। सुखनंदन के शरीर पर कोयले जैसी बिल्कुल काली परत चढ़ गई थी। आग बुझने के बाद वह पास की एक नाली में जा गिरा। काफी देर तक वह वहीं पड़ा रहा। वहीं से लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन, उसकी हालत देखकर किसी की आगे आने की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। सूचना दिए जाने के करीब पैंतीस मिनट बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। वृद्घ की लगातार बिगड़ती हालत को देखकर पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला और पुलिस की गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया। उधर, घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग बदहवास हाल में चौकी पहुंच गए। पत्नी रामश्री का रोते हुए बुरा हाल हो गया। उधर, चौकी के भीतर सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। पुलिस की कार्यशैली सुनकर लोगों में नाराजगी भर गई। लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ के गुस्से को देखकर चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। थोड़ी देर में मौके पर एसपी ग्रामीण नैपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। उन्होंने जांच करके दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया तब जाकर लोगों का रोष शांत हुआ।
परिजनों ने तहरीर देकर बताया है कि उनका चचेरे भाई बाल किशन गुप्ता एवं हुकुम सिंह के साथ पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद था। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नैपाल सिंह, एसपी ग्रामीण
सात के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज
सुखनंदन की पत्नी रामश्री की तहरीर पर मऊरानीपुर पुलिस ने बालकिशन, हुकुम सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी, आग लगाकर मारने समेत अन्य आरोपों में मामला पंजीकृत कर लिया है। इसके अलावा पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सीओ को सौंपी गई है।