फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल और डीजल के कम हुए दामों ने पंप मालिकों को दी 20 करोड़ की चोट

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कुछ दिनों पहले तक जनता के लिए परेशानी का सबब बन रहे डीजल और पेट्रोल अब पंप संचालकों के लिए आफत बन गए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम करके जनता को राहत तो दे दी, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों की मुसीबत बढ़ गई। पेट्रोल पंप संचालकों ने पहले बढ़े हुए रेट के हिसाब से कंपनियों से डीजल-पेट्रोल खरीद लिया, लेकिन अब दाम गिरने से बुंदेलखंड के 540 पंप संचालकों को करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसे लेकर पंप संचालकों में गहरी नाराजगी है।
विज्ञापन

दीपावली से पहले पेट्रोल के दाम 106 रुपये और डीजल के दाम 97 रुपये के आसपास चल रहे थे। इस दौरान पेट्रोल पंप संचालकों ने कंपनियों से स्टॉक के लिए बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल की खरीद की। दीपावली के बाद सरकार ने डीजल पर 12 रुपये और पेट्रोल पर छह रुपये की कटौती की। इससे जनता को तो फायदा मिला, लेकिन पंप संचालक फंस गए। पेट्रोल पंप संचालक कंपनियों को एडवांस भुगतान कर पेट्रोल-डीजल की खरीद करते हैं। दाम गिरने के बाद कंपनियों से बात की गई, तो कंपनियों ने भी राहत देने से मना कर दिया।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव बब्बर के मुताबिक बुंदेलखंड के हर पेट्रोल पंप पर करीब 25 हजार लीटर डीजल और नौ हजार लीटर पेट्रोल स्टॉक में था। ऐसे में पूरे बुंदेलखंड के 540 पंप संचालकों को करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। झांसी में ही 140 पेट्रोल पंप संचालक करीब 12 करोड़ रुपये के घाटे में हैं।
विज्ञापन

तीन साल से नहीं बढ़ा कमीशन
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना यह भी है कि बीते तीन साल से उनके कमीशन में भी इजाफा नहीं किया गया है। एसोसिएशन के सचिव मनीष नेवालकर बताते हैं कि कंपनियों और सरकार के बीच हुई वार्ता में तय किया गया था कि हर छह महीने में डीलर कमीशन बढ़ाया जाएगा। पंप संचालक पहले से ही घाटे से जूझ रहे हैं। कमीशन नहीं बढ़ने से व्यापार प्रभावित होता है।
झांसी मंडल में पेट्रोल पंप
झांसी 140
ललितपुर 100
जालौन 100
बांदा समेत अन्य जिले 200
पेट्रोल पंप संचालक कर रहे विरोध
कमीशन में इजाफा नहीं होने और पेट्रोल के दाम गिरने से हुए नुकसान को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता बताते हैं कि बृहस्पतिवार को शाम 7 बजे से 7.15 बजे तक 15 मिनट के लिए पंप को बंद रखा गया था। सरकार सुनवाई नहीं करती है, तो आठ दिसंबर को विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही बंदी की समय सीमा बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें