झांसी। अब किसानों को पराली जलाना बहुत महंगा पड़ेगा, क्योंकि यदि कोई किसान पराली जलाते हुए सैटेलाइट में आ गया और जांच में उसकी पुष्टि हो गई तो किसान का राशन कार्ड निरस्त हो जाएगा। इतना ही नहीं उसे शासन की अन्य योजनाओं का लाभ भी नहीं दिया जाएगा। उसे किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।
किसान पराली न जलाएं, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। मोंठ क्षेत्र के ग्राम मबूसा, छपरा और शाहजहांपुर में पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन वहां पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ऐसे में अब जिला कृषि अधिकारी प्रतिदिन सुबह नौ बजे से क्षेत्र में भ्रमण करेंगे और ग्राम प्रधानों से संवाद करेंगे, ताकि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने समीक्षा में पाया कि पिछले दिनों जिन किसानों ने पराली जलाई थी, उनसे अभी तक जुर्माना नहीं वसूल किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि दोषी किसानों से अर्थदंड की वसूली की जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार, जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों को जागरूक किया गया
किसान पराली न जलाएं, इसके लिए मोंठ क्षेत्र के धान बाहुल्य इलाके के ग्राम बकुवां बुजुर्ग, पसैया, भरोसा और रेव के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करते हुए जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पराली का उपयोग खाद बनाने में कर सकते हैं। पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है और पर्यावरण में हानिकारक गैसों का प्रदूषण फैलता है। पराली जलाने से जुर्माना भी लगता है।
हार्वेस्टर सीज किया
ग्राम बकुवां में अधिकारी पराली नहीं जलाने के लिए किसानों को जागरूक कर रहे थे। दूसरी ओर उन्हें शिकायत मिली कि एक हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाए धान की फसल काट रहा है। सूचना पर पहुंची अफसरों की टीम ने हार्वेस्टर को सीज कर दिया।