अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीयू के प्रशासनिक ब्लॉक में विधि के छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और विधि विभागाध्यक्ष पर जातिगत भेदभाव के आरोप की जांच के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मंगलवार को कड़े फैसले लिए हैं। सपा छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वदेश यादव और शैलेंद्र सिंह बसेला पर बीयू में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभागाध्यक्ष पर जातिगत आरोप को भी आधारहीन बताई है। वहीं, आरोप के संबंध में छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए बुधवार को बुलाया गया है।
25 मार्च को विधि के छात्र-छात्राएं एकजुट होकर प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विभागाध्यक्ष पर जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए। मंगलवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की शाम चार बजे बैठक हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके सैनी ने बताया कि विभागाध्यक्ष को हटाने की मांग पूरी तरह से निराधार व अनुचित है। जिन्होंने पाठ्यक्रम का शुल्क जमा नहीं किया है, उन्हें सेशनल परीक्षा देने से रोका गया है।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जांच में पाया कि कुछ बाहरी व्यक्ति विवि के छात्र-छात्राओं को आंदोलन व अनुचित मांग के लिए उकसाए हैं। इसके चलते शैलेंद्र सिंह बसेला व स्वदेश यादव को बीयू परिसर एवं आवासीय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। जातिगत भेदभाव एवं परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के शिकायती पत्र पर केवल एक छात्र अनिरुद्ध प्रताप सिंह भदोरिया के हस्ताक्षर हैं। बुधवार को दोपहर एक बजे चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में शिकायतकर्ता छात्र-छात्राओं को अपना पत्र देने के लिए बुलाया गया है। वहीं, स्वदेश यादव का कहना है कि छात्रहितों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करना पड़ता है। विवि प्रशासन के इस फैसले से डरने वाले नहीं है।