झांसी। ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज को लेकर भले ही सेतु निगम एवं रेलवे के बीच सहमति बन गई हो लेकिन, इसकी डिजाइन को लेकर दोनों महकमों के बीच अभी भी पेच फंसा है। ओवर ब्रिज की ऊंचाई पर रेलवे फुटपाथ समेत एक मीटर अतिरिक्त जगह छोड़ना चाहता है जबकि सेतु निगम की डिजाइन में इसे एक साथ रखा गया है। रेलवे की डिजाइन की वजह से ओवरब्रिज के अंतिम सिरे को भी आगे बढ़ाना होगा।
ग्वालियर मार्ग पर स्थित क्रॉसिंग गेट नंबर- 117 के ऊपर ओवरब्रिज बनाए जाने को मंजूरी मिल चुकी है। इन दिनों रेलवे एवं सेतू निगम के अभियंताओं के बीच डिजाइन को लेकर मंथन चल रहा है। ओवर ब्रिज की प्रस्तावित लंबाई 990 मीटर तय हुई है। पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर व चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। पुल के दोनों तरफ 350- 350 मीटर हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा। पटरियों के ऊपर 60 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को पूरा करना होगा लेकिन, पुल की ऊंचाई की चौड़ाई पर ही पेच फंसा है। रेलवे अपनी डिजाइन के मुताबिक ओवर ब्रिज की चौड़ाई रखना चाहता है जबकि सेतु निगम पूर्व की डिजाइन के मुताबिक इसे बनाना चाहता है। सेतू निगम अभियंताओं का तर्क है अगर रेलवे के मुताबिक निर्माण कराया गया तब पुल के चढ़ाव एवं उतार में अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। अभी इसे महिला पॉलीटेक्निक के पास उतारने की योजना है लेकिन, ऊंचाई बढ़ने पर इसे आगे बढ़ाना होगा। इसी तरह होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर से होने वाले उठान को भी आगे लेकर जाना होगा। बिजली के खंबे समेत अन्य निर्माण हटाने पड़ेंगे। इससे लागत में काफी इजाफा हो जाएगा। इसके बावजूद रेलवे अपनी डिजाइन छोड़ने पर राजी नहीं है। पिछले दिनों मौका-मुआयना को आए रेल अभियंता नाप-जोख कर चुके हैं। सेतु निगम के एक्सईएन वेदप्रकाश का कहना है कि डिजाइन पर अभी चर्चा चल रही है। जल्द इसे अंतिम रुप दे दिया जाएगा।