झांसी। बलवा एवं दंगा नियंत्रित करने वाले उपकरण थानेदारों ने मालखाने में रखवा दिए हैं। आधा दर्जन से अधिक थानेदारों की गाड़ियों में यह उपकरण नहीं मिले। इसकी पोल शुक्रवार को डीआईजी जोगेंद्र कुमार के सामने खुल गई। डीआईजी ने लापरवाह थानेदारों को फटकार लगाते हुए तत्काल इनको अपने साथ रखने के निर्देश दिए।
चुनाव को देखते हुए पुलिस महकमे की तैयारियां तेज हो गई। डीआईजी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन पहुंचकर परेड देखी। उन्होंने सभी थानेदारों के कार्यों का जायजा लिया। डीआईजी की मौजूदगी में थानेदारों की गाड़ियां चेक हुई। इनमें एंटी राइड गन, टीयर गैस, लाउड हेलर, बॉडी प्रोटेक्टर समेत अन्य जरूरी वस्तुएं होनी चाहिए लेकिन, टोढ़ी फतेहपुर, महिला थाना, ककरबई, मोंठ, समथर एवं शाहजहांपुर के थानेदारों के पास यह नहीं था। पूछने पर मालूम चला यह सारा सामान थाने के मालखाने में बंद पड़ा है। यह सुनकर डीआईजी बिफर उठे। उन्होंने लापरवाह थानेदारों को तत्काल मालखाने से मंगवाकर इसे वाहन में रखवाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने थानों के सरकारी संपत्ति के चार्ज हस्तांतरण न होने पर भी रोष जताया। उन्होंने एसएसपी शिवहरि मीना को इसे तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। थाना प्रभारियों के साथ अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विवेचनाएं, गैंगस्टर, संपत्ति जब्तीकरण समेत अन्य कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विवेचनाएं लंबित होने पर जताई नाराजगी
डीआईजी ने शुक्रवार को सिटी सर्किल में अर्दलीरूम किया। इस दौरान बड़ी संख्या में विवेचनाओं के लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीओ सिटी को फटकार लगाई। उन्होंने सीओ सिटी को जल्द विवेचनाएं पूरी करने की मोहलत दी है। इस दौरान डीआईजी ने सर्किल की लंबित विवेचनाओं को निपटाने के लिए लक्ष्य तय करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने जमानत पर बाहर आए अपराधियों का ब्यौरा भी रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ सिटी राजेश कुमार राय, समेत सर्किल के सभी थानेदार मौजूद रहे।