झांसी। नए साल के जश्न पर कोरोना की पाबंदी का कोई खास असर नहीं दिखा। महानगर के बड़े होटलों में तो लोगों ने कम पार्टियां कीं, लेकिन घरों और फार्म हाउस में जमकर जाम छलके। 31 दिसंबर रात और एक जनवरी को हुई पार्टियों में झांसी वाले सवा तीन करोड़ की शराब पी गए। इसके अलावा लाखों रुपये की कच्ची शराब भी बिकी।
कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावनाओं के चलते शासन ने नए साल पर जश्न मनाने पर पाबंदी लगा दी थी। इस वजह से बड़े होटलों में तमाम संगठनों ने जश्न नहीं मनाया, लेकिन छोटे-छोटे समूहों में लोगों ने होटलों, घरों और फार्म हाउसों में जमकर पार्टी की।
वहीं, लोगों ने लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू को देखते हुए नए साल के जश्न में कोई खलल न हो इसके लिए पहले ही स्टॉक कर लिया था। दुकानों पर स्टॉक आते ही खत्म हो गया। दुकानदारों के मुताबिक अगर नाइट कर्फ्यू सरकार द्वारा नहीं लगाया गया होता तो बिक्री ज्यादा होती।
--------------
इतनी हुई बिक्री
------------------
देसी शराब - 109445 ली - 3,83,05,750 रुपये
अंग्रेजी - 20,672 ली - 1,32,30,080 रुपये
बीयर - 10096 ली - 16,15,360 रुपये
नोट- आबकारी विभाग द्वारा इतनी की गई स्टॉक की निकासी
कच्ची और मिलावटी शराब बेचने वाले भी रहे सक्रिय
कच्ची और मिलावटी शराब बेचने वाले भी नए साल पर सक्रिय रहे। उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे अन्य प्रदेश से आने वाली नकली और मिलावटी शराब माफिया ने भी खूब शराब बेची। हालांकि आबकारी विभाग की टीम ने जगह-जगह छापेमारी कर अवैध शराब बिक्री पर लगाम लगाई।
जिले में 31 दिसंबर और एक जनवरी 2022 के बीच तकरीबन तीन करोड़ से अधिक की देसी, अंग्रेजी और बीयर की बिक्री हुई है। त्योहार और नए साल में यह आंकड़ा बढ़ता है। - प्रमोद कुमार गोयल, जिला आबकारी अधिकारी