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कानूनन पालतू जानवरों का नगर निगम में रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी

Wed, 07 Sep 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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animal ragistration, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। शहर का शायद ही ऐसा कोई इलाका हो, जहां घरों में कुत्ते न पले हों। इसके अलावा गाय, भैंस और बकरी भी बड़ी संख्या में पालतू जानवर भी हैं। कानून कहता है कि कोई भी जानवर पालें तो नगर निगम में इनका रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं। लेकिन न तो नगर निगम को इसकी चिंता है और न ही जानवर पालने वालों को। सिर्फ चार पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन है। कई लोगों को तो इस कानून की जानकारी ही नहीं है। भैंस पालें या गाय, बकरी पालें या खरगोश, बिल्ली या फिर कुत्ता, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। जाहिर है कि रजिस्ट्रेशन के बाद जानवर पालने वालों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो जाएगी। इससे छुट्टा जानवरों पर किसी हद तक लगाम लगेगी।
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रजिस्ट्रेशन करवानेे के बाद जानवर पालने वालों की जवाबदेही और जिम्मेदारी तय होती है। वे नियम और कानून से बंध जाएंगे। पालतू जानवरों की सेहत पर ध्यान देना होगा। समय-समय पर जरूरत के मुताबिक पालतू कुत्तों और अन्य जानवरों को जरूरी इंजेक्शन लगवाने होंगे। सतर्क रहना होगा कि उस जानवर की वजह से आसपड़ोस में किसी को परेशानी नहीं हो।

यदि जानवरों के कारण गंदगी फैलती है तो इसके जिम्मेदार भी इनके पालने वाले ही होंगे। नगर निगम के पास भी आंकड़े होंगे कि शहर में कितने पालतू जानवर हैं और उनकी देखरेख कौन कर रहा है। इससे छुट्टा जानवरों पर लगाम लगेगी। इसका बड़ा फायदा शहर के निवासियों को भी होगा। वे नुकसान पर भरपाई और कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे।
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रजिस्ट्रेशन फीस

जानवर               फीस
------               -----
कुत्ता                25 रुपये
गाय                 25
भैंस                 25
घोड़ा                25
बकरी               10
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नोट-यह फीस सालना है। इसके बाद नवीनीकरण करवाना होगा।


खतरनाक पालतू कुत्ते
डेसाउंड, रौडबिला, लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, पामेलियन, सैडवर्नाड, डाबरमैन, ग्रेटडेन आदि प्रजातियों के कुत्ते शहर में ज्यादातर लोग पाले हुए हैं।

हो सकती है छह महीने की सजा
यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट लेता है या फिर कोई जानवर नुकसान पहुंचाता है तो उसे पालने वाले को जिम्मेदार मानते हुए उस पर पांच सौ रुपये जुर्माना हो सकता है। एफआईआर करवाई जा सकती है और तब गिरफ्तारी भी होगी। दोष सिद्ध होने पर छह महीने तक की सजा हो सकती है। 

चलेगा अभियान
कानूनन हर पालतू जानवर को रजिस्ट्रेशन जरूरी है, वरना इन्हें भी छुट्टा की श्रेणी में मान लिया जाएगा। तब इनके पालने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। शीघ्र ही इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। छुट्टा जानवर भी पकड़े जाएंगे और पालतू जानवरों के रजिस्ट्रेशन पर जोर रहेगा।
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- डॉ. राकेश बाबू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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