झांसी। अंधविश्वास के चलते पिछले कई सालों से त्योहार पर उल्लू की बलि चढ़ाए जाने के मामले प्रदेश भर में उजागर हुए हैं। इसे लेकर सरकार ने वन विभाग के अधिकारियों को उल्लुओं की निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं। आदेशानुसार विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण इलाकों की चौकसी बढ़ा दी गई है।
तांत्रिकों द्वारा दीपावली पर उल्लू की बलि चढ़ाई जाती है। जिसके चलते तस्कर भी पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं। पर्व नजदीक आते ही मांग अधिक होने के कारण तस्करों द्वारा जिले भर से उल्लुओं का शिकार किया जाता है। उल्लुओं के वजन, आकार, रंग, नाखून व पंखों के आधार पर कीमत तय की जाती है। कीमत तय होते ही तांत्रिकों द्वारा सौदा कर खरीद लिया जाता है। जिसको तांत्रिकाें द्वारा अधिक कीमतों में बेचा जाता है। शासन ने उल्लुओं के शिकार पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए वन विभाग को निगरानी करने के आदेश जारी किए हैं। शासनादेश जारी होते ही वन विभाग के अधिकारियों ने जिले के झांसी, बबीना, चिरगांव, मोंठ, गुरसराय, मऊरानीपुर व बामौर सहित सातों रेंज में वन रक्षकों की तैनाती कर दी गई है।
इस संबंध में जिला वन अधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि दीपावली पर्व पर उल्लुओं की बलि की आशंका के चलते सरकार द्वारा उल्लुओं की निगरानी करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश का पालन करते हुए रेंजरों को निगरानी करने के आदेश जारी किए गए हैं।