अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नटराज मोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड समेत उसके सहयोगी कंपनियों ने करीब चालीस लाख रुपये गबन के आरोप में अशोक लीलैंड एवं किआ कंपनी की महिला एचआर अंकिता खरे समेत आठ के खिलाफ नवाबाद थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक वैभव खन्ना ने पुलिस को बताया कि अंकिता समेत अन्य आरोपियों के पास कंपनी के कर्मचारियों के खाते संबंधी डिटेल थी। आरोपियों ने कर्मचारियों के बैंक खाते बदलकर वेतन में हेरफेर की। एचआर हेड अंकिता खरे एवं शालिनी खरे ने अकाउंटेंट रितेश चौरसिया के साथ मिलकर कर्मचारियों के वास्तविक बैंक खाते बदल दिए। वेतन राशि अपने एवं अपने रिश्तेदारों के खाते में भेज दी। पूर्व कर्मचारियों के नाम पर भी वेतन निकाल लिए। त्यागपत्र देने एवं बाहर किए जा चुके कर्मचारियों के नाम भी वेतन सूची से नहीं हटाए बल्कि इनके नाम पर वेतन अपने रिश्तेदारों के खाते में भेजते रहे। हाजिरी रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी करके अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की भी हाजिरी बनाई गई। फर्जी बिल बनाकर भी लाखों रुपये निकाल लिए गए। जिनकी खरीद नहीं हुई उसके भी बिल लगाए गए। प्रबंध निदेशक के मुताबिक कंपनी की ओर से कराई गई प्रारंभिक छानबीन में इन लोगों ने इस फर्जीवाड़े को कुबूल किया। उनकी तहरीर पर पुलिस ने एचआर अंकिता खरे समेत हुंडई के अकाउंटेंट रितेश चौरसिया, शालिनी खरे, उसके पति राहुल कंचन, राकेश खरे, मोहसिन खान, पंकज बजोरिया, रश्मि बजोरिया, रश्मि चौरसिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम का कहना है कि मामले की छानबीन कराई जा रही है।