अपवाद को छोड़ दिया जाए तो मुख्य मार्गों की सड़कें तो चकाचक हो गई हैं, लेकिन शहर के अंदर की सड़कों का हाल बुरा है। सीपरी रोड की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वाहन सवार जान हथेली पर रखकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं। आए दिन इस मार्ग पर लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। बावजूद, प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
आवास विकास- नंदनपुरा सड़क से डामर की पर्त उखड़ गई है। सड़क पर जगह- जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। सीपरी बाजार रोड पर उपरिगामी सेतु का निर्माण होने से सड़क पर जगह- जगह गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में पानी भरा होने से वाहन सवारों को परेशानी हो रही है। उप्र राज्य सेतु निगम द्वारा अस्थाई तौर पर सड़क निर्माण नहीं कराया जा रहा है। जबकि, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी महापौर व जन प्रतिनिधि का घेराव भी कर चुके हैं। स्थिति जस की तस बनी हुई है। बारिश का मौसम होने से उक्त सड़कों की स्थिति और अधिक दयनीय हो चुकी है। इस दिशा में न कार्यदायी संस्था और न ही प्रशासन ध्यान दे रहा है। थापक बाग के पास भी सड़क का हाल बुरा है। एल्पाइन स्कूल के बगल की गली की सड़क हालत भी खराब है। इसके अलावा अन्य सड़कें भी खस्ताहाल स्थिति में हैं।
जाम के झाम में फंसे रहते हैं वाहन सवार
झांसी। सीपरी मार्ग एकल होने से वाहन सवार जाम के झाम में फंसे रहते हैं। इससे उन्हें परेशानी होती है। यह स्थिति सुबह ही नहीं दिन भर बनी रहती है। मार्ग संकरा हो जाने से लोग समय से आफिस नहीं पहुंच पा रहे हैँ। वहीं विद्यार्थी देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं। निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण यह समस्या कब तक बनी रहेगी यह किसी को नहीं मालूम। जिस दिन बारिश हो जाती है उस दिन मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन सवारों को जानकारी नहीं हो पाती है कि कितना बड़ा गड्ढा है।