स्मार्ट सिटी बनना आसान नहीं है। इसके लिए जनपद को परीक्षा पास करनी होगी। 100 अंकों की इस परीक्षा में 13 सवालों का जवाब देना होगा, अधिकतम अंक प्राप्त करने पर शहर का चयन स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत होगा।
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत देश के 100 शहरों का चयन किया जाना है, जिनमें चरणबद्ध रूप से आधुनिक संसाधन विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के 13 नगरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन चालू वित्तीय वर्ष 2015 - 16 से 2019 - 20 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। स्मार्ट मिशन सिटी योजना के अंतर्गत शहरों के चयन की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में शासन के सचिव श्री प्रकाश सिंह ने शहर /नगरों से 13 बिंदुओं पर सूचना मांगी है, जिनके 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। सभी बिंदुओं के अलग - अलग अंक निर्धारित हैं। इसमें अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले प्रदेश के 13 शहरों का चयन स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर देना होगा जवाब
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1- स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरों में निर्मित सेनेटरी शौचालयों की संख्या (10 अंक)
2- ऑनलाइन आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति (5 अंक)
3- प्रथम माह का पब्लिश्ड ई - न्यूजलेटर (5 अंक)
4- पिछले दो सालों का वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया बजट (5 अंक)
5- सेवा में देरी होने पर अदा की गई पेनाल्टी (5 अंक)
6- पिछले तीन सालों के राजस्व उत्पत्ति की स्थिति (10 अंक)
7- पिछले माह के वेतन भुगतान की स्थिति (5 अंक)
8- वित्तीय वर्ष 2012 - 13 की ऑडिट रिपोर्ट (5 अंक)
9- राजस्व में कर, शुल्क, यूजर चार्जेस व किराये का योगदान (10 अंक)
10- जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने व रखरखाव करने में आने वाला खर्च (10 अंक)
11- स्वयं विकसित राजस्व स्रोत (10 अंक)
12- जेएनएनयूआरएम के तहत प्राप्त सिटी लेवल (10 अंक)
13- जेएनएनयूआरएम के तहत मार्च 2012 से अब तक पूर्ण हुए प्रोजेक्ट (10 अंक)