संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पटरी से उतरे वैगन की जांच में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। जो वैगन पटरी से उतरा था, वह अपनी मरम्मत की मियाद पूरी कर चुका था। वैगन को इसी माह मरम्मत के लिए वैगन रिपेयर वर्कशॉप में जाना था, लेकिन इसे मालगाड़ी में लगाकर दौड़ाया जाता रहा।
बृहस्पतिवार को झांसी स्टेशन के दिल्ली यार्ड में पटरी से उतरे स्पेशल मालगाड़ी एनएमजी (नॉन मॉडिफाइड गुड्स रैक) के वैगन की जांच वैगन रिपेयर वर्कशॉप में की जा रही है। शुक्रवार और शनिवार को वैगन की अगली ट्रॉली को अलग कर व्हील लेथ मशीन पर जांच के लिए चढ़ाया गया। इस दौरान प्रयागराज से आई अधिकारियों की टीम ने मशीन से ट्रॉली की जांच की। साथ ही तकनीकी जांच में यह पाया कि ट्रॉली का एक्सल सूखा हुआ है। इसी कारण यह जाम हुआ और पटरी बदलते समय ट्रैक से उतर गया।
- दक्षिण पश्चिम रेलवे का है वैगन
पटरी से उतरे वैगन का मालिक भारतीय रेल के दक्षिण पश्चिम रेलवे जोन का मैसूर मंडल है। यहीं पहली बार इस वैगन की मरम्मत हुई थी। यहां से यह वैगन औरंगाबाद में सेवाएं दे रहा था। बीते बुधवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से इसमें कारों को लाेड किया गया था, जिसे नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे जोन के रंजिया जाना था।
18 माह में होती है मरम्मत
रेल अधिकारियों के मुताबिक किसी भी मालगाड़ी में लगे वैगन की मरम्मत 18 माह के अंतराल में होती है। पटरी से उतरे वैगन की मरम्मत भी बीते साल जुलाई 2023 में हुई थी। इसके बाद इसकी मरम्मत दिसंबर 2024 में होनी थी।
वर्जन
अभी वैगन की जांच चल रही है। कई तकनीकी पहलुओं पर जांच होने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। इससे पहले कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी