फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज : मृत हुई मानवता, मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए भी वसूल लिए पैसे

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सेवाओं के लिए भी जगह-जगह वसूली हो रही है। वाकया इमरजेंसी वार्ड का है, जहां मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 495 रुपये, मोर्चरी तक शव ले जाने के लिए 300 रुपये और पंचनामा भरने के दौरान 200 रुपये वसूल लिए। इसकी जानकारी मिलते ही सीएमएस ने दो सफाई कर्मी और एक वार्ड बॉय को हटा दिया है।



शुक्रवार को गणेश चौराहा के पास महिला राधा सिंह कार की चपेट में आ गई थीं। परिजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय ने मृतका के पुत्र से मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 495 रुपये मांगे तो उसने फीस समझकर राशि दे दी। इसके बाद सफाईकर्मियों ने मोर्चरी तक शव ले जाने के लिए 300 रुपये ले लिए। शनिवार सुबह जब पुलिस पंचनामा भरने के लिए पहुंची तो सफाई कर्मियों ने फिर 200 रुपये ले लिए। यह मामला सीएमएस तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से दो सफाई कर्मी और शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय को हटा दिया। गौरतलब है कि उपचार के दौरान मौत होने या इमरजेंसी वार्ड में मृत घोषित होने पर तत्काल निशुल्क मृत्यु प्रमाणपत्र दिया जाता है। साथ ही पुलिस को सूचना दी जाती है।
विज्ञापन


- भ्रमित करने के लिए मांगते हैं 495 रुपये



मेडिकल कॉलेज के सूत्रों का कहना है कि मृतकों के परिजनों को भ्रमित करने के लिए 495 या 490 रुपये मांगे जाते हैं ताकि ये राशि उन्हें शुल्क लगे। जाहिर है इसी वजह से रुपये देते समय कोई पूछताछ नहीं करता।
विज्ञापन


0- वर्जन



इमरजेंसी वार्ड से शव मोर्चरी ले जाने के 300 रुपये लेने वाले दो सफाई कर्मियों और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 495 रुपये लेने वाले वार्ड बॉय को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। ऐसे कर्मियों की सूची बनाई जा रही है, इन्हें 31 दिसंबर तक हटाया जाएगा। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें