फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: नगर पालिका के शौचालयों की हालत खराब

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊरानीपुर। नगर पालिका क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब है। पिंक शौचालय महीनों से चोक हैं, जिससे महिलाओं को परेशान हो रही है। वहीं कई शौचालयों के दरवाजे टूटे हैं तो बाथरूम के पॉट एवं टोटी महीनों से खराब हैं।
विज्ञापन

शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है, लेकिन वर्तमान में शौचालय बदहाल हो गए हैं। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े हैं तो कई शौचालयों में टोटी ही नहीं है। किसी में पानी की व्यवस्था नहीं है तो किसी के टाॅयलेट की सीट व टाइल टूटी पड़ी है। शौचालयों की दयनीय हालत के चलते सबसे अधिक परेशानी बाजार में खरीददारी आदि के लिए आने वाली महिलाओं को होती है, क्योंकि एक तो शौचालयों में फैली गंदगी व दूसरी उनके दरवाजे का न होना।
नगर पालिका क्षेत्र में 10 शौचालय एवं 12 पेशाब घर हैं। इन सभी शौचालयों एवं पेशाब घरों की हालत गंभीर बनी हुई है। गंदगी का आलम ऐसा है कि कोई व्यक्ति बिना नाक बंद किए इनमें प्रवेश नहीं कर सकता। रेलवे स्टेशन के बाहर बने शौचालय एवं बाथरूम की गंदगी रेलवे स्टेशन के अंदर बने नाले में जाती थी। इसके पाइप रेलवे स्टेशन प्रशासन द्वारा बंद कर दिये जाने से गंदगी शौचालय एवं बाथरूम से बाहर नहीं निकलती है। अंबेडकर चौराहे पर बना पिंक शौचालय महीनों से पूरी तरह से चोक पड़ा हुआ है।
विज्ञापन

वहीं, कोतवाली के पास सरकारी स्कूल से सटकर बने पेशाब घर का पाॅट एवं नल की टोटी महीनों से टूटी पड़ी है। कुंज बाग बस स्टैंड में बने शौचालय में सफाई न होने से आसपास के लोगों को बदबू आ रही है। इसके कारण यहां जाने से लोग परहेज करते हैं। शौचालयों की बदहाल स्थिति ने कहीं न कहीं स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर के नंबर काटने का काम किया है। इसके बावजूद नगर पालिका के अधिकारी शौचालयों की सुध नहीं ले रहे हैं। लाखों खर्च कर शहर में बनाए गए शौचालय अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। शहर को ओडीएफ घोषित होने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन


वर्जन
शीघ्र ही नगर के शौचालय एवं बाथरूम की सफाई एवं टूटे हुये पाइपों को सही कराने की योजना बनाई जा रही है।
-सर्वेश कुमार, अधिशाषी अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें