झांसी। ग्वालियर मार्ग रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने को लेकर रेलवे की ओर से सामने आ रही सबसे बड़ी अड़चन आखिरकार दूर हो गई। पिछले दिनों रेलवे बोर्ड की पिंक बुक की बैठक में इसके निर्माण के लिए रेलवे ने अपनी सहमति जता दी। उसने इसकी कुल लागत में भी हिस्सेदारी का फैसला किया है। रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद अब इसके शिलान्यास की तैयारी भी शुरू करा दी गई। अगले दो माह के भीतर अफसरों ने शिलान्यास कराने की उम्मीद जताई है।
ग्वालियर मार्ग क्रॉसिंग पर जाम की समस्या दूर करने को करीब दो साल पहले ओवरब्रिज निर्माण की कागजी कवायद शुरू हुई। शुरूआत में इस ओवरब्रिज की लागत करीब 105 करोड़ आंकी गई। इस बजट की मंजूरी मुख्यमंत्री कार्यालय से मिलती है। लेकिन पैरवी न होने से फाइल दबी रह गई। सरकार ने दिसंबर 2020 में इसको सैद्घांतिक मंजूरी दे दी। इधर, स्मार्ट सिटी मिशन से बनने वाली स्मार्ट मार्ग का प्रोजेक्ट निरस्त होने के बाद बोर्ड ने इस रकम को ओवरब्रिज के लिए मंजूर कर दिया। बोर्ड की मंजूरी के बाद बजट की दिक्कत काफी हद तक दूर हो गई थी। लेकिन रेलवे की मंजूरी न मिलने की वजह से मामला अटका रहा। अभी पिछले सप्ताह रेलवे बोर्ड की पिंक बुक की बैठक में आखिरकार इसकी भी मंजूरी दे दी गई। इस संबंध में रेलवे बोर्ड में शामिल निदेशक एवं चीफ इंजीनियर ओएन शर्मा ने नार्थ सेंट्रल रेलव के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। पत्र के जरिए निदेशक ने कास्ट शेयरिंग में भी शामिल होने की बात कही। हालांकि ओवरब्रिज की डिजाइन फाइनल न हो सकने से अभी उसकी हिस्सेदारी तय नहीं हो सकी है। उधर, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता वेदप्रकाश का कहना है कि रेलवे की सहमति मिलने से अब काम जल्द शुरू हो सकेगा। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक रेलवे को करीब 22 करोड़ की हिस्सेदारी करनी होगी। प्रोजेक्ट से जुड़े अभियंताओं का कहना है कि अगले दो माह के भीतर ही शिलान्यास कराकर काम शुरू करा दिया जाएगा।
रेल अभियंताओं ने किया मौका मुआयना
झांसी। प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर शनिवार को रेल अभियंताओं ने मौके पर पहुंचकर वास्तु स्थिति का जायजा लिया। सेतु निगम ने पुल की डिजाइन करीब फाइनल कर दी। लेकिन रेल अभियंता इस डिजाइन से संतुष्ट नहीं हैं। रेल अभियंता रेलवे की डिजाइन के मुताबिक दोनों लेन में करीब डेढ़ फुट चौड़ा फुटपाथ के साथ ही बीच में एक मीटर की खाली जगह छोड़ने पर जोर दे रहे हैं। जबकि सेतु निगम की डिजाइन में किनारे में यह जगह छोड़ी गई है। करीब 17 मीटर चौड़ाई का पुल ऊपर बनाया जाएगा। रेल अभियंताओं ने अपनी मौजूदगी में नापजोख का भी काम कराया। इस दौरान रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर अभिनय यादव, सेतु निगम के एई आरके रावत समेत अन्य अभियंता एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पांच से सात घंटे बंद रहती है क्रॉसिंग
झांसी। ग्वालियर मार्ग क्रॉसिंग गेट नंबर 117 पर लगने वाला जाम हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहता है। कोरोना काल से पहले ट्रेनों के आवागमन के चलते यह क्रॉसिंग 24 में करीब 12 घंटे बंद रहती थी। अभी ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण करीब पांच से सात घंटे तक बंद रहती है। दूसरा, उनाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से यहां से कानपुर हाइवे पर जाने वाले वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे क्रॉसिंग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इस वजह से यहां अकसर लंबा जाम लग जाता है। एंबुलेंस भी कई घंटे तक फंसी रहती है।
इस तरह होगा ओवरब्रिज का निर्माण
- आधुनिक डिजाइन पर आधारित होगा ओवरब्रिज।
- पुल होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की मोड़ से उठकर दूसरी तरफ महिला पॉलीटेक्निक पर जाकर उतरेगा।
- पुल के दोनों तरफ 350- 350 मीटर हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा।
- पटरियों के ऊपर 60 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को पूरा करना होगा।
- लंबाई 990 मीटर, पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर व फोरलेन की चौड़ाई 18 मीटर होगी।
- ओवरब्रिज के निर्माण में 105 करोड़ अनुमानित लागत आएगी।