अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में जलवायु-समावेशी कृषि को लेकर किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें किसानों को आधुनिक तकनीक सीखने को मिलेगी। साथ ही खेती करने में मदद मिलेगी। यह आयोजन 14 से 16 फरवरी तक होगा। इसमें बुंदेलखंड समेत अन्य राज्यों के 10 हजार किसान आएंगे।
कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मेले का उद्देश्य किसान और स्टार्टअप के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की आय बढ़ाने में उनकी मदद करना है। आयोजन में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन यानी एफपीओ, देश के छह कृषि विश्वविद्यालय और 14 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों के वैज्ञानिक अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। इससे उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों के किसान आएंगे।
कुलपति ने बताया कि यहां किसानों के लिए विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक पद्धति से तैयार की गईं फसलों के मॉडल भी रखे जाएंगे। इनमें फल, सब्जी और डेरी उत्पाद के साथ ही पॉली हाउस के मॉडल भी दिखाए जाएंगे। साथ ही वैज्ञानिक इस तकनीक के बारे में किसानों को जानकारी भी देंगे।
उन्होंने बताया कि मिल्ट्स प्रोडक्ट्स को ब्रांड बनाने, तकनीकी तौर पर खेती करने एवं सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता के बारे में किसानों को बताया जाएगा। साथ ही उनको खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उनका कहना है कि आधुनिक खेती से किसान मालामाल हो सकते हैं। किसानों को हर मौसम में अनुकूल खेती करने के तरीके सिखाए जाएंगे।