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मकर राशि में आए सूर्य नारायण

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मकर राशि में आए सूर्य नारायण
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झांसी। मंगलवार की मध्य रात 2:20 बजे भगवान सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश कर लिया है। वह दक्षिणायन से उत्तरायण में आ गए हैं। इसके साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। बुधवार को श्रद्धालु सरोवरों और जलाशयों में स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे और मकर संक्रांति का पर्व उत्साह से मनाएंगे। ओरछा, उनाव बालाजी धाम में हजारों की तादाद में श्रद्धालु अपने ईष्ट के दर्शन के लिए उमडे़ंगे। दान, स्नान और आराधना के प्रमुख पर्व मकर संक्रांति को लेकर घर घर तैयारियां जोरों पर रहीं। मंगलवार की शाम घरों में लड्डुओं के साथ ही नमकीन पकवान भी बनाए गए। बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर बाद तक मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी, कंबल और धातुओं का दान श्रद्धालु करेंगे। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार मकर संक्रांति के पर्व पर दान से व्यापक पुण्य प्राप्त होता है।
शादी सीजन हो जाएगा शुरू
मकर संक्रांति के पर्व के साथ ही शादी सीजन भी शुरू हो जाएगा। जो देवशयनी एकादशी तक जारी रहेगा। मंगलवार को पंचकुइयां माता मंदिर, सीपरी में लहर की माता मंदिर में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु विवाह से पूर्व माता पूजने के लिए ढोल नगाढ़ों की धुन पर आए।
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कई जगह लगता है मेला
बुंदेलखंड में मकर संक्रांति के पर्व को बुढ़की और संकरात भी कहते हैं। कुंडेश्वर, उनाव बालाजी, ओरछा सहित कई जगहों पर मेला लगता है। इस दिन तिल और लाई के लड्डू के साथ ही बच्चों को मिट्टी, शक्कर और धातुओं के खिलौने भी दिए जाते है, जिन्हें घुल्ला घुड़िया भी कहते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति के बाद दिन धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं।
मकर संक्रांति का त्योहार हमारे देश में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन दान की महत्ता है।
राम कुमारी विश्वकर्मा
भगवान सूर्य की आराधना का प्रमुख त्योहार है। खिचड़ी, कंबल, तिल के दान से हमारी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मेवा झा
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