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सुकुवां-ढुकुवां बांध पर जल विद्युत प्लांट से बनने लगी 24 मेगावाट बिजली

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झांसी। सुकुवां-ढुकुवां बांध पर पानी की उपलब्धता को देखते हुए यहां पर 24 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। यहां पर आठ- आठ मेगावाट की तीन इकाइयों को लगाया गया है। इसे टीएचडीसी लिमिटेड ने तैयार किया है। इस प्लांट के चालू होने से 12 हजार घरों के लिए अतिरिक्त बिजली मिलने का इंतजाम हो गया है।
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प्रदेश सरकार ने सुकुवां ढुकुवां बांध पर पानी की उपलब्धता को देखते दस साल पहले जल विद्युत प्लांट लगाकर 24 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना को स्वीकृति प्रदान की थी। इसे टीएचडीसी लिमिटेड ने तैयार किया है। इस पर प्लांट पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस सबस्टेशन से ललितपुर और हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन की हाईटेंशन व ग्रिड लाइन को जोड़ा गया है। अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) विनोद जायसवाल ने बताया कि सुकुवां-ढुकुवां पर स्थापित जलविद्युत प्लांट पर आठ- आठ मेगावाट की तीन इकाइयों को लगाया गया है। यहां बनने वाली बिजली को झांसी और ललितपुर को दी जा रही है। अगर बिजली बच जाती है तो उसे ग्रिड में डाल दिया जाता है। बांध से पानी गिरने पर ही बिजली का उत्पादन होता है।
गर्मियों में कारगर होगी योजना
अभी माताटीला बांध पर 11-11 मेगावाट की तीन जल विद्युत इकाइयां हैं जिससे 33 मेगावाट बिजली बन रही है। सुकुवां-ढुकुवां बांध पर भी जल विद्युत उत्पादन शुरू होने से 24 मेगावाट बिजली झांसी जनपद को और मिलने लगी है। अगर एक घर में दो किलोवाट का भार है तो इस हिसाब से 24 मेगावाट में बारह हजार घरों को बिजली दी जा सकती है। दो सबस्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों को रोशन किया जा सकता है। गर्मी में लोड बढ़ने पर यह योजना खासी कारगर होगी।
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बबीना में बन रहा ट्रांसमिशन सबस्टेशन
अभी झांसी- ललितपुर मार्ग पर स्थित कस्बों और गांवों को हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से बिजली दी जाती है। ओवर लोडिंग की स्थिति बनने पर बिजली काटनी पड़ती है। इससे संबंधित क्षेत्रों में अंधेरा पसर जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए 78 करोड़ की लागत से बबीना में 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन का निर्माण चल रहा है। सबस्टेशन तक ट्रांसमिशन तक सर्किट लाइनाें को तैयार कर लिया गया है। अब इस सबस्टेशन से बबीना और भेल को जोड़ने का काम बाकी रह गया है।
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