झांसी। सड़क पर चलते समय ट्रकों से सावधानी बरतने की जरुरत है, क्योंकि जिले में ट्रक दौड़ा रहे तमाम चालकों की आंखें कमजोर हैं। खास बात यह है कि इन ट्रक चालकों को अपनी आंखों के कमजोर होने की जानकारी ही नहीं है। अधिकतर ट्रक चालक आंखों को मिचमिचाकर, पानी की छींटें मारकर और अन्य कवायदें करते हुए ट्रक चलाते हैं। इसके चलते हादसों की तादाद बढ़ रही है। शुक्रवार को परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत बबीना टोल प्लाजा पर ट्रक चालकों का नेत्र परीक्षण कराया, तो करीब 80 ट्रक चालकों की आंखें कमजोर पाई गईं।
महानगर चारों ओर से हाईवे से घिरा हुआ है। पूरे दिन महानगर और हाईवे से हजारों की तादाद में ट्रक गुजरते हैं, लेकिन इन ट्रकों को चलाने वालों की आंखें कमजोर हैं। इसके चलते आए दिन हादसे होते हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक एक साल में करीब 100 से अधिक ट्रक हादसे होते हैं। इसे लेकर शुक्रवार को बबीना टोल प्लाजा पर परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा माह के तहत लगे नेत्र परीक्षण शिविर में ट्रक चालकों की आंखों की जांच की गई।
इस दौरान करीब 150 चालकों में से करीब 80 ट्रक चालक ऐसे मिले, जिनकी आंखें कमजोर थीं। कई ट्रक चालकों को तो आंखें कमजोर होने की जानकारी ही नहीं थीं। इस दौरान डॉ. आदित्य साहू ने चालकों को चश्मे और दवाएं वितरित कीं। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव पाठक और एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने ट्रक चालकों को नियमों की जानकारी दी। वहीं यात्री कर अधिकारी दीपक सिंह ने पंफलेट वितरित किए।