झांसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के स्ट्राइड प्रोग्राम के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को प्राप्त परियोजना के परामर्श और निगरानी समिति की तीसरी बैठक शनिवार को इनोवेशन सेंटर में हुई। इसमें आईक्यूएसी निदेशक और बीयू के पूर्व कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि छात्र अपनी के अलावा दूसरी ब्रांचों की भी जानकारी लेते हुए प्रोजेक्ट तैयार करें। शोध ऐसे किए जाएं, जो सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें। बल्कि उन शोध के जरिए सामाजिक समस्याओं का हल हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रोग्राम के तहत जिस तरह बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है, उसी तरह शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की जरूरत है। लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी ने बजट पर अपनी राय रखी। बैठक में दूसरे मॉड्यूल का बजट पेश किया गया। साथ ही समिति से अन्य मदों को इस्तेमाल करने की अनुमति ली गई। प्रोग्रेस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
सीएसआईआर लखनऊ के निदेशक प्रो. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने ऑनलाइन संबोधित किया। प्रोग्राम के कोर समिति सदस्य रहे डॉ. सीपी पैन्यूली, डॉ. राजदीप कुदेसिया के लिए शांति सभा हुई। इस दौरान कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन, प्रो. एमएम सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. सीबी सिंह, डॉ. लवकुश द्विवेदी, इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. नेहा मिश्रा, डॉ. मुकुल पस्तोर, प्रकाश चंद्रा, मानवेंद्र सेंगर मौजूद रहे।