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जागते रहो...चौकन्ना रहो, नलों में रात ढाई बजे पानी आएगा

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झांसी। रात को जब पूरा शहर चैन की नींद में सोता है, तब प्रेमनगर के पास नराईपुरा, तलैया और ढिमरयाना मोहल्ले में जागते रहो-जागते रहो, सभी लोग चौकन्ना रहें...की आवाजें गूंजती हैं। रात के अंधेरे में हर दो-तीन घरों के बीच गूंजने वाली ये आवाजें असल में किसी पहरेदार की नहीं बल्कि यहां रहने वाले लोगों की हैं। मोहल्ले के लोग बताते हैं मोहल्ले में सरकारी नल रात दो से ढाई बजे ही आते हैं। यह सिलसिला 25 वर्षों से जारी है। जरा किसी की नींद लग जाए तो पानी नहीं मिल पाता है, इसलिए मोहल्ले वाले एक दूसरे को जगाने के लिए जागते रहो का हांका लगाते हैं।
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पानी की समस्या से जूझ रहे प्रेमनगर के नराईपुरा, तलैया और ढिमरयाना के हजारों लोग हर रोज रात को नलों में पानी आने का इंतजार करते हैं। यहां तकरीबन 25 वर्षों से रोज रात को दो-ढाई या तीन बजे ही पानी आता है और चार बजे बंद हो जाता है। स्थिति यह है कि नल आते ही हर तीन-चार घरों के बीच कोई न कोई जागते रहो...नल में पानी आने वाला है, आवाज लगाता मिलता है। लोगों ने बताया कि वह लोग तो रात में सोना ही भूल गए हैं। जरा सी आंख लग जाए तो पानी नहीं मिलता है।
महिलाएं बताती हैं कि मोहल्ले में ब्याह कर आईं बहुएं बूढ़ी हो चलीं लेकिन पानी की यह समस्या दूर नहीं हो रही।
उधर, शहर में बाहर सैंयर गेट में बाईं ओर रोज सुबह कई जगह पानी सड़कों पर बहता रहता है जबकि दाईं तरफ लोग पानी के लिए परेशान रहते हैं। मोहल्ला कालीमाई में बड़े और बच्चे सुबह से ही पानी के लिए परेशान होते है।
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रात में दो-ढाई बजे ही पानी आता है, वर्षों से यही हो रहा है। पूरा मोहल्ला परेशान है।-ऊषा आनंद
तलैया में पाइपलाइन नहीं है, हैंडपंप खराब हो तो पानी के लिए भटकना पड़ता है। रात में पानी भरते हैं।-नीता
25 वर्षों से यही देख रहा हूं, लोग पूरी रात पानी के लिए परेशान रहते हैं। लोग सोना ही भूल गए हैं।-संदीप
लोग शिकायतें करते थक चुके हैं लेकिन रात में पानी की समस्या खतम नहीं हो रही है।-परशुराम वाल्मीकि
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