अगले साल होने वाला आम चुनाव समाजवादी पार्टी गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के फार्मूले पर लड़ने जा रही है। इसके तहत पार्टी प्रदेश के सभी बूथों पर कमेटियां गठित करने में जुटी हुई है। यह कमेटियां सीधे प्रदेश नेतृत्व के संपर्क में रहेंगी। वहीं से बूथ कमेटी सदस्यों को सीधे दिशा निर्देश जारी होंगे। साथ ही समय-समय पर कमेटी की गतिविधियों की जांच भी की जाएगी।
इस साल प्रदेश की फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। ये दोनों ही सीट हाई प्रोफाइल थीं। विधानसभा चुनाव के पहले फूलपुर से जहां उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सांसद थे, वहीं गोरखपुर लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी की थी।
लोकसभा की इन दोनों सीटों पर उप चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने तगड़ा होमवर्क किया था। खासतौर पर संगठनात्मक ढांचा बूथ लेवल पर मजबूती से खड़ा किया था। प्रत्येक बूथ पर कमेटियां बनाईं गईं थीं और प्रत्येक कमेटी में दस लोगों को शामिल किया गया था। यही फार्मूला समाजवादी पार्टी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है।
हर बूथ पर दस लोगों की कमेटी बनाई जा रही है। इन कमेटियों में शामिल सभी लोगों के नाम, फोन नंबर और आधार नंबर जिलों से प्रदेश कार्यालय भेजे जा रहे हैं। प्रदेश कार्यालय सीधा बूथ कमेटियों के संपर्क में रहेगा। वहीं से कमेटियों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। समय-समय पर प्रदेश की टीम आकस्मिक रूप से आकर कमेटियों के कामकाज की जांच भी करेगी।
वोटर लिस्ट में पात्रों के नाम जुड़वाने और अपात्रों के हटाने से लेकर मतदान के दिन ज्यादा से ज्यादा वोट डलवाने की जिम्मेदारी भी इन बूथ कमेटियों पर रहेगी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बताया कि फूलपुर, गोरखपुर लोकसभा के उप चुनाव में भी बूथ कमेटियों ने बड़ी भूमिका अदा की थी।
यही वजह है कि अब ये फार्मूला आगामी लोकसभा चुनाव में भी आजमाया जाएगा। पूरे प्रदेश में अस्सी फीसदी से अधिक बूथ कमेटियां गठित कर ली गईं हैं। दस-बारह दिन में सभी बूथों की कमेटियां तैयार हो जाएंगी।