झांसी। झंासी सदर सीट बुंदेलखंड का सबसे बड़ा शहरी इलाका है लेकिन, इसके बावजूद यहां का बड़ा हिस्सा पानी जैसी बुनियादी चीज से भी महरूम है। पिछले कई विधानसभा चुनाव यहां पेयजल की समस्या खत्म करने के वायदे के साथ लड़े गए लेकिन, आज भी पैंतीस से अधिक इलाके (करीब डेढ़ लाख आबादी) के लोग पीने के पानी के लिए जूझ रहे हैं। बुंदेलखंड की दूसरी बड़ी समस्या युवाओं का पलायन भी नहीं थम सका। शहरी इलाके में युवाओं के रोजगार के खातिर अतिरिक्त अवसर तैयार नहीं हुए।
बुंदेलखंड में हमेशा से झांसी सदर सीट राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण मानी जाती रही। भाजपा रवि शर्मा के बलबूते वर्ष 2012 में इस सीट से पूरे बुंदेलखंड में खाता खोलने में कामयाब हुई। उसके बाद 2017 में लगातार दूसरी बार इस सीट पर रवि शर्मा को जीत हासिल हुई। कमिश्नरी होने के नाते यहां सरकारी कार्यालय अधिक हैं। इस वजह से शहर में मिश्रित आबादी निवास करती है। शहरी इलाके की विधानसभा होने के बाजवूद करीब पचास फीसदी इलाका पीने के पानी के लिए परेशान है। कई इलाके में पानी भरने के लिए लोगों को रात दो बजे उठना पड़ता है। पिछले विधानसभा चुनाव में पानी की समस्या का मुद्दा जोर-शोर से उठा। बतौर उम्मीदवार रवि शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान इन इलाकों में पीने का पानी मुहैया कराने का भरोसा दिलाया लेकिन, इन इलाकों में अभी तक पानी नहीं पहुंचा। करगुवां जी, मयूर विहार कालोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कालोनी, सत्यम कालोनी, भगवंतपुरा, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कालोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मैला की टौरिया, रायगंज, आईटीआई आदि इलाकों में रहने वाली करीब डेढ़ लाख आबादी के लोग पीने के पानी के लिए अभी तक परेशान हैं।
नहीं सुलझी जाम की समस्या, पुराने शहर के लोग परेशान
पुराने शहर में जाम की समस्या को खत्म कराने का वायदा किया गया लेकिन, समय के साथ यह समस्या विकराल होती जा रही है। बड़ाबाजार जैसे तमाम इलाकों में रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। जाम से निपटने के लिए कोई भी वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं। जगह-जगह लगने वाले जाम से लोग पस्त पड़े रहते हैं। सावर्जनिक पार्किंग का भी इंतजाम नहीं हुआ।
रोजगार के नहीं बढ़े अवसर
बुंदेलखंड में रोजगार के लिए युवाओं के पलायन की समस्या भी जस की तस है। विधायक रवि शर्मा के चुनाव घोषणा पत्र में रोजगार बढ़ाने की बात कही गई थी लेकिन, पिछले पांच वर्ष के दौरान रोजगार के अतिरिक्त अवसर तैयार नहीं हुए।
रात में दो बजे उठकर भरना पड़ता है पानी
झांसी सदर सीट के अंतर्गत नानकगंज, चमनगंज, प्रेमगंज, सिंघलपुरा(आबादी करीब पंद्रह हजार) जैसे इलाकों मेें लोगों को पानी भरने के लिए लोगों को रात में दो बजे उठना पड़ता है। इस समय पर न उठने वाले को पूरे दिन पानी नहीं मिलता। उसके बाद उनको पीने के पानी का जुगाड़ करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान उम्मीदवारों ने इस समस्या को दूर कराने का भरोसा दिलाया था लेकिन, आज तक इससे निजात नहीं मिली। इस पूरे इलाके में सीपरी बाजर के तांगा स्टैंड के पास बनी टंकी से जलापूर्ति होती है।
प्वाइंटर: एक
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कुल आबादी: 6,32,000
वार्ड की संख्या: 60
इतने हैं मकान: 1,25,000
घरेलू जल संयोजन: 45,992
स्टैंड पोस्ट: 150 (आधे से अधिक खराब)
हैंडपंपों की संख्या: 3321
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प्वाइंटर: दो
83.82 एमएलडी: पानी की है आवश्यकता
63.45 एमएलडी: पानी की हो रही आपूर्ति
प्वाइंटर तीन
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विधानसभा 4,02,757
पुरूष- 2,16,405
महिला 1,86,328
थर्ड जेंडर- 24
(15 जनवरी 2021 के मुताबिक)
विधायक का दावा
नौ सौ करोड़ की योजना में झांसी को कराया शामिल
- विधायक निधि से करीब पचास लाख खर्च करके बिछवाई पाइपलाइन
यह सही है कि झांसी नगर में पीने के पानी की समस्या रही है। इसके लिए वायदे भी किए थे। मैंने कोशिश करके झांसी नगर को पेयजल पुनर्गठन अमृत योजना में शामिल कराया। दोनों फेज में काम तेजी से चल रहा है। सरकार इस योजना पर नौ सौ करोड़ खर्च कर रही है। लोगों के घरों तक पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। अगले कुछ माह के भीतर यह काम पूरा हो जाएगा। विधायक निधि के जरिए वार्ड संख्या 26 खातीबाबा ईसाईटोला, ब्रह्मपुरी कॉलोनी, शांतिकुंज कॉलोनी, ब्रह्मनगर, आवास विकास कॉलाूनी ब्लॉक बी, जेडीए कॉलोनी पीतांबरा नगर, नंदविहार रेजीडेंसी, संगम विहार आवास विकास, आईटीआई सिद्घेश्वर नगर में, झारखड़िया, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, गोंदू कंपाउंड एवं मिशन कंपाउंड में पेयजल लाइन बिछवाने में पचास लाख रुपये से अधिक खर्च किया। स्मार्ट सिटी के जरिए शहर की यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए डीपीआर तैयार कराया है। इसकी मदद से शहर में लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
रवि शर्मा
विधायक झांसी सदर
चुनाव के दौरान पानी की समस्या दूर करने का वायदा किया गया था लेकिन, आज भी समस्या बनी हुई है। हजारों की आबादी सिर्फ हैंडपंप पर निर्भर है। पाइप लाइन से कभी पीने का पानी नहीं मिलता।
हरिश्चंद्र साहू, इतवारी गंज
पाइप लाइन घरों तक बिछी है लेकिन, उनसे पानी कभी नहीं आता। कई बार जनप्रतिनिधियों ने समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया लेकिन, अभी तक यह समस्या बनी हुई है।
प्रेमनारायण, इतवारी गंज
मानसूनी मौसम में भी यहां के लोगों को पीने का पानी नहीं मिलता। गर्मियों में सिर्फ टैंकर से पानी मिलता है।
मनोज साहू, दरीगरान
पानी न मिलने से पूरे इलाके के लोग परेशान हैं। इस समस्या को सुलझाने के कई बार वायदे हुए लेकिन, आज तक समस्या बनी हुई है।
सुनील, उन्नाव गेट बाहर
पानी के लिए आधी रात से जागना पड़ता है। पता नहीं कब इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
इंद्रा देवी, भंडेरी गेट