संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब भी सोडियम लाइटें नहीं लग सकीं। इससे दिन ढलते ही अंधेरा छा जाता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, झांसी से उरई के बीच कानपुर हाईवे सोडियम लाइटों से जगमगा रहा है।
झांसी-कानपुर हाईवे (एनएच-27) पर साढे़ तीन हजार से ऊपर सोडियम लाइटें लगी थीं। लेकिन समय के साथ खराब होती गई लाइटों पर अफसरों के ध्यान न देने से झांसी से उरई के बीच बड़ी संख्या में लाइटें खराब हो गईं और अंधेरे में वाहन रफ्तार भरते रहे। जबकि शासन का आदेश है कि ब्लैक स्पॉट व गांव के चौराहों आदि से लेकर पुलों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। यह मामला नवागंतुक एनएचएआई परियोजना निदेशक मनोज कुमार तक पहुंचा तो उन्होंने निरीक्षण कर तत्काल खराब सोडियम लाइटों को ठीक कराने का आदेश जारी किया। वहीं, जिन लाइटों का समय पूरा हो गया वहां नई लाइट लगाने के आदेश दिए। इसके बाद झांसी-उरई नेशनल हाईवे तो जगमग हो गया लेकिन झांसी-ललितपुर हाईवे पर अब भी सोडियम लाइटों की दरकार है। झांसी-ललितपुर हाईवे के पांच साल पूरे होने के बाद ओवरलेन का काम शुरू कराया गया, लेकिन सोडियम लाइटों पर अफसरों का ध्यान नहीं गया।
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एनएच-27 पर झांसी-उरई के बीच खराब पड़ी 410 सोडियम लाइटों को बदला गया है। अब हाईवे पर पर्याप्त रोशनी है। झांसी-ललितपुर हाईवे पर भी सोडियम लाइटें जल्द लगवाई जाएंगी।
मनोज कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई