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चाचा को खेत, भतीजे को घर पर सांप ने काटा

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चाचा को खेत, भतीजे को घर पर सांप ने काटा
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झांसी। थाना लहचूरा क्षेत्र में खेत पर काम करते समय देवीदयाल (33) व उसके भतीजे अरविंद (22) को घर पर सांप ने काट लिया। दोनों को गंभीर हालत में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां देवीदयाल की मौत हो गई। जबकि, अरविंद का उपचार चल रहा है। पिछले एक साल के दरम्यान इसी परिवार के तीन अन्य सदस्यों को भी सांप काट चुका है।
शनिवार को थाना लहचूरा स्थित चकारा गांव निवासी देवीदयाल खेत पर काम कर रहे थे, तभी अचानक पैर में जहरीले सांप ने उनको काट लिया। चिल्लाने की आवाज सुुनकर खेत पर मौजूद अन्य परिजन उसे लेकर घर पहुंचे, अभी देवीदयाल को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी घर में मौजूद देवीदयाल के भतीजेे अरविंद को अंगूठे में सांप ने काट लिया। एक साथ दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रविवार को उपचार के दौैरान देवीदयाल की मौत हो गई। वहीं, अरविंद का उपचार चल रहा है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
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एक महीने पहले हुई थी परिवार के एक सदस्य की मौत
देवीदयाल व भतीजे अरविंद को सांप के द्वारा काटे जाने की यह पहली घटना नहीं हुई है। साल भर के भीतर इस परिवार के तीन अन्य लोगों को भी सांप काट चुका है। परिजनों के मुताबिक परिवार के कल्लू (60) मजदूरी करते थे। दो महीने पहले वे घर में थे, तभी सांप ने काट लिया था। उपचार से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। वहीं, उनकी पत्नी गुड्डी (50) और उसके पुत्र कमलेश को भी छह महीनेे पहले सांप काट चुका है। परिजन झाड़ फूंक भी करा चुके हैं।
गांव में भी दहशत का माहौल
एकाएक सांप के काटने की घटना को लेकर घर के साथ - साथ गांव में भी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक अब खेत पर काम करने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के बाद से ही एकाएक गांव में सांपों की संख्या बढ़ गई थी। गांव में सांप यहां-वहां आसानी से नजर आ जाते हैं। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इलाज के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
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सांप काटने पर कराएं उपचार
जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में सांप काटने के रोजाना औसतन दो से तीन मरीज पहुंच रहे हैं। तमाम लोग झाड़फूंक के चक्कर में पड़कर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़फूंक पर विश्वास करने वाले लोग ज्यादा हैं। अस्पतालों में एंटी स्नेक वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। कई बार विलंब होने की स्थिति में भी मौत हो जाती है। चिकित्सकों के मुताबिक पर्याप्त सावधानी बरतने से सर्पदंश के बावजूद व्यक्ति सामान्य रह सकता है। मंडलीय प्रमुख अधीक्षक डॉ. बलवीर कृष्ण गुप्ता ने बताया कि ऐसे मामलों में तमाम मौतें सिर्फ घबराहट की वजह से हो जाती हैं। जिस व्यक्ति को सांप ने डसा है, उसे ढांढस बंधाने के साथ ही तत्काल इलाज कराना चाहिए।
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