झांसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एससीएसपी परियोजना के अंर्तगत झांसी और ललितपुर के पांच गांवों में अनुसूचित जाति के किसानों को औषधीय पौधों की कृषि तकनीकियों से अवगत कराया गया। इसके पश्चात एलोवेरा, तुलसी एवं लेमन ग्रास के 2100 पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान वानिकी वैज्ञानिक विनोद कुमार ने औषधीय पौधों के महत्वों पर प्रकाश डाला।
रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार के निर्देशन में कृषि वैज्ञानिकों ने झांसी जिले के बबीना विकासखंड के पृथ्वीपुर, नयाखेड़ा व पुरा बडेरा और ललितपुर जिले के तालबेहट विकासखंड के विजयपुरा एवं कंरेगा गांवों में पहुंचकर अनुसूचित जाति के किसानों को औषधीय पौधाें के महत्व को बताया और इसकी खेती के संबंध में उन्हें तकनीकी जानकारी दी। डा. पंकज लवानिया ने किसान और उनके परिवार के लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए औषधीय पौधों के उपयोग की सलाह दी। बताया कि इससे न केवल खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है अपितु इसकी खेती से किसान अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकते हैं। इसके पश्चात किसानों में 2100 औषधीय पौधों का वितरण किया।