झांसी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बृहस्पतिवार से स्कूल खुलेंगे। 42-44 डिग्री पारे में भी तकरीबन सात सौ स्कूलों के पांच हजार से अधिक बच्चे गर्मी में पढ़ेंगे। स्थिति यह है कि जिले के परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प के कार्य में फिसड्डी साबित हुए हैं। अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में कायाकल्प के 19 पैरामीटर पर काम नहीं कर पाए हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1452 स्कूल संचालित हो रहे हैं। गत सत्र के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 47 स्कूल ही कायाकल्प के 19 पैरामीटर को संतृप्त करते है। वहीं कई स्कूलों में तो बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। विधानसभा चुनाव के समय जिले के कई परिषदीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन के नाम पर खानापूर्ति की गई। चुनाव प्रक्रिया के समय इन स्कूलों में सिर्फ अस्थाई कनेक्शन किए गए थे।
गर्मी के दिनों में भी कई स्कूलों में बिजली कनेक्शन, पंखे आदि न होने के कारण बच्चे 42-44 डिग्री पारे में भी पढ़ने को मजबूर थे। कई स्कूलों में पानी की सुविधा भी नहीं है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बृहस्पतिवार से स्कूल खुल रहे हैं। ऐसी भीषण गर्मी में कई स्कूलों के बच्चे पीने की पानी के लिए यहां वहां भागते हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी बिजली, पानी, फर्नीचर, ब्लैक बोर्ड, शौचालय, बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए कई स्कूल आस लगाए बैठे हैं। बीएसए वेदराम ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद कायाकल्प के कार्यों पर जोर दिया जाएगा। स्कूल साढ़े सात बजे से 12:30 बजे तक लगेंगे।