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सावन आज से, महादेव की भक्ति में विभोर होंगे भक्त

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झांसी। भगवान शिव का प्रिय पावन महीना सावन रविवार से शुरू हो जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त होते ही महानगर के शिवालयों में हर-हर महादेव और बम बम भोले के जयकारे गूंजने लगेंगे और श्रद्धालु भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। सावन को लेकर शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई है।
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झांसी में तीन से चार शताब्दी पुराने भगवान शिव के मंदिर हैं। जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा भक्ति के केंद्र हैं। सावन पर महानगर के शिवालयों में सुबह से लेकर देर रात्रि तक अभिषेक एवं पूजा अनुष्ठान होते हैं। सोमवार को अभिषेक के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। ऐसे में महानगर के सभी प्रमुख शिवालयों में तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। कोरोना से बचने के लिए श्रद्धालुओं को मास्क पहनकर आने की अपील की जा रही है। गर्भ गृह में एक बार में एक से दो श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। इधर, पानी वाली धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव मंदिर, सदर बाजार चौराहा स्थित शिव मंदिर, किला का प्राचीन शिव मंदिर, राजा बाबा महाकालेश्वर मंदिर, भूतनाथ मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर सहित अन्य शिवालयों में पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई शिवालयों को रंग.बिरंगी झालरों से आकर्षक सजावट दी गई है। वहीं, इस बार खास बात यह है कि सावन का महीना 29 दिन का रहेगा। रविवार से शुरू होगा रविवार को ही समाप्त होगा।
महादेव की करें ऐसे पूजा
सावन में प्रतिदिन सुबह अपने घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद शिवालय में शिवलिंग का गंगाजल, दूध आदि से अभिषेक करें। भगवान महादेव को धतूरा, बेलपत्र, पुष्प आदि अर्पण कर ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। माता पार्वती का भी पूजन करें। इसके बाद महादेव की आरती दीप अथवा धूप से करें। धार्मिक मान्यता है कि महादेव की विधि एवं श्रद्धा से पूजन करने पर भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
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सुख और वैभव देते हजारिया महादेव
महानगर में पानी वाली धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव अपने सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मान्यता है कि यह मंदिर गोसाईंयों ने बनवाया था। प्राचीन मंदिर के गर्भ गृह में विशाल शिवलिंग स्थापित है। इस शिवलिंग में सहस्त्रों लघु शिवलिंग है। मान्यता है कि हजारिया महादेव के समक्ष रुद्र कोटि संहिता का पाठ करने से भक्त पर महादेव की विशेष कृपा होती है। वह अपने भक्तों को सुख संपत्ति और वैभव प्रदान करते हैं। मंदिर के गर्भ गृह में माता पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। मंदिर के बाहर नंदी जी व अन्य देवता विराजमान है। संपूर्ण सावन में हजारिया महादेव के दर्शन एवं अभिषेक के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
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