उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की लखनऊ से आई टीम ने बुधवार को एरच में डिफेंस कॉरिडोर के लिए चिह्नित जमीन का मुआयना किया। इस दौरान जमीन की भौगोलिक स्थिति परखी गई। टीम ने कॉरिडोर का काम जल्द शुरू होने की संभावना जताई।
डिफेंस कॉरिडोर का मुआयना करने के लिए बुधवार को यूपीडा की टीम लखनऊ से झांसी आई। कार्य अधिकारी ओपी पाठक एवं मुख्य सलाहकार तकनीकी राकेश त्रिवेदी की टीम ने गरौठा तहसीलदार मनोज कुमार व राजस्व विभाग की टीम के साथ गरौठा तहसील में चयनित किए गए गांवों में ली जाने वाली जमीन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान ओपी पाठक ने बताया कि पच्चीस सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने डिफेंस कॉरिडोर के संबंध में बैठक कर सबसे पहले झांसी और चित्रकूट जिलों से इसकी शुरूआत किए जाने के निर्देश दिए थे। जिसमें सबसे पहले झांसी जिले से इसकी शुरूआत किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जो जमीन चयनित है वह एरच नगर से बेंदा मार्ग के पश्चिम ओर भूमि ली जाएगी। चयनित की गई जमीन में नजूल की भूमि को छोड़ कर जो भूमि किसानों की होगी, वो किसानों की मंशा के अनुसार बैनामा के आधार पर ली जाएगी। उसका जायज मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही यह कार्य 25 दिन में शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि मरघट और जलाशय एवं अन्य जन उपयोगी जमीन इसके दायरे में आती है, तो उतनी ही जमीन वह अन्य जगह स्थित नजूल की भूमि से उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन का बैनामा कराया जाएगा उसका भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में किया जाएगा।
5,567 हेक्टेअर जमीन चिह्नित
डिफेंस कॉरिडोर बनाने के लिए गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठरी, गोरा, जुझारपुरा, टेहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, लबेरा, झबरा (आंशिक) व एरच (आंशिक) और टहरौली तहसील के ग्राम शमशेरपुरा, पथरेड़ी, बेंदा, सुरबई व देवरा गांव में 5,567 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई है। किसानों से ली जाने वाली जमीन के एवज में अनुमानित नौ अरब चालीस करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जाएगा।
झांसी में सबसे पहले काम
डिफेंस कॉरिडोर का काम सबसे पहले झांसी में शुरू होगा। जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द मुआवजा राशि आने की संभावना है। इसके साथ ही मुआवजा वितरित कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी