समाधान योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए वाले कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है। वाणिज्य कर विभाग ने समाधान योजना की तिथि बढ़ाकर तीस सितंबर तक कर दी है। मालूम हो कि, वैट में पंजीकृत व्यापारियों को 16 अगस्त तक ही समाधान योजना का लाभ मिल सका था।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स में समाधान योजना की राशि बढ़ाकर 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है। एक जुलाई से पहले वैट में पंजीकृत वे कारोबारी जो समाधान योजना का लाभ ले रहे थे, उनको जीएसटी में 16 अगस्त तक इस सुविधा का लाभ दिया गया। मगर, इसके बाद ऐसे तमाम व्यापारी सामने आए, जो समाधान योजना का लाभ लेना चाहते थे, लेकिन जीएसटी में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण लाभ नहीं ले सके। व्यापारियों की इस समस्या का ध्यान रखते हुए विभाग ने समाधान योजना की तिथि बढ़ाकर तीस सितंबर तक कर दी है। इस सुविधा का लाभ जीएसटी में नया पंजीकरण कराने वाले कारोबारी भी ले सकते हैं। वाणिज्यकर विभाग के जवाइंट कमिश्नर एसएस मिश्रा ने बताया कि सभी तरह के पंजीकृत कारोबारी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।