झांसी। जालौन के लहचूरा गांव में मेंथा की फसल खराब हो जाने से दुखी किसान ने जहर खाकर जान दे दी। अचेत अवस्था में परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। यहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
लहचूरा निवासी जगत सिंह (48) पुत्र ठाकुर प्रसाद कुशवाहा गांव में खेती-बाड़ी का काम करता था। परिजनों का कहना है गांव के आसपास कुछ लोग मेंथा की खेती करते हैं। इनको देख जगत सिंह ने भी इस सीजन में करीब साढ़े तीन बीघा खेत में मेंथा लगा दिया। मेंथा लगाने के लिए उसने केसीसी से ऋण भी लिया था। परिजनों का कहना है तेज धूप की वजह से पौध नष्ट हो गई। पौध नष्ट होने के बाद से जगत परेशान रहने लगा। उसने खाना-पीना बंद कर दिया था। खेत पर जाकर गुमशुम बैठा रहता था। रविवार दोपहर भी वह खेत पर बैठा था। शाम को उसके घर लौटने के बाद पत्नी पड़ोस में चली गई। करीब एक घंटे बाद जब पत्नी लौटकर आई तब बिस्तर पर वह अचेत पड़ा था। उसकी हालत खराब देखकर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। उपचार के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से उसकी मौत की पुष्टि हुई है। परिजन उसका शव लेकर गांव रवाना हो गए।