झांसी। कई देशों में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना का नया रूप ओमिक्रॉन की दहशत अब देश-प्रदेश में भी बढ़ने लगी है। शासन ने विदेशों से आने वाले भारतीय नागरिकों की निगरानी, जांच के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। ऐसे में पिछले एक सप्ताह में विदेशों से झांसी लौटने वाले 29 भारतीय नागरिक स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। 10 लोगों की जांच के लिए भी सैंपल भेजे गए। रात में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
कोरोना का नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका से होते हुए आसपास के कई देशों में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके मद्देनजर विशेषज्ञों ने भारत में भी अलर्ट जारी किया है। चूंकि, भारत में अब तक इस स्ट्रेन के एक भी मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विदेश से लौटने वाले लोग अब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। शासन की तरफ से भी ऐसे लोगों का ब्योरा इकट्ठा करके जिलों को भेज दिया गया है। पिछले एक सप्ताह में यूनाइटेड स्टेट, मालदीव, मलेशिया, दुबई, कोरिया, ओमान, नीदरलैंड, कैलिफोर्निया से 29 भारतीय नागरिक झांसी लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 10 लोगों से संपर्क करने के बाद इनका सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। वहीं, बचे हुए 19 लोगों की मंगलवार को आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी।
कइयों में तो लक्षण ही नहीं दिखते
सीएमओ ने बताया कि कोरोना के नए रूप के बारे में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे पता चला है कि ओमिक्रॉन की चपेट में आने वालों में पहले के स्ट्रेन की तरह ज्यादा लक्षण सामने नहीं आते हैं। न तो खांसी होती है और न ही सुगंध व स्वाद जाता है। इसलिए ये स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों के लिए तो ये बड़ा खतरा साबित हो सकता है। ऐसे में तत्काल टीका लगवाएं।
झांसी में पिछले एक हफ्ते में 29 लोग विदेश से लौटे हैं। इसकी सूची प्राप्त होने के बाद 10 लोगों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेज दिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। बाकियों की मंगलवार को जांच हो जाएगी। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।