उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा। कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के संचालन को लेकर विरोध जताया। हंसारी स्थित झांसी डिपो कार्यशाला परिसर में हुए धरने के दौरान सभापति रमाकांत सचान ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों का संचालन नहीं कराया जाए।
प्रदेश में बन चुके और बन रहे एक्सप्रेस- वे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित किया जाए, रोडवेज बसों में निजी बसों की तरह यात्री कर निर्धारित किया जाए, निगम को आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए, संविदा चालक, परिचालकों को नियमित किया जाए और मृतक आश्रितों को नियमित नियुक्ति प्रदान की जाए। इस मौके पर विजय नारायन शर्मा, केके गेड़ा, दीपक कुमार भारती, केसी वर्मा मौजूद रहे।
वहीं महानगर में अब कोई भी बड़ा सड़क निर्माण यातायात सर्वेक्षण के बाद ही होगा। नगर निगम के निर्माण विभाग की टीम प्रस्ताव मिलने के बाद सड़क निर्माण की आवश्यकता का मूल्यांकन करेगी। कोरोना के चलते शासन स्तर से बजट में की गई कटौती और सदन की बैठक में सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों को लेकर यह फैसला लिया गया है। नगर निगम की टीम सड़क की आवश्यकता का मूल्यांकन करने के बाद ही एस्टीमेट तैयार करने की कार्रवाई करेगी।
नगर निगम को कोरोना काल में राज्य वित्त आयोग के तहत शासन स्तर से कम बजट मिल रहा है। ऐसे में तमाम निर्माण कार्य पहले से प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर आवश्यक कार्य कराए जाने को लेकर नगर निगम पहले ही निर्देश जारी कर चुका है। इसके बाद हाल ही में हुई सदन की बैठक में तीन करोड़ रुपये से सड़क निर्माण का मामला खूब उठा था। बैठक में निर्माण विभाग के अधिकारियों के तकनीकी ज्ञान को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए थे। जिसे लेकर निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।