ललितपुर। जनपद में निर्माणाधीन रोडवेज डिपो को लेकर विभागीय अधिकारी भले ही शीघ्र शुुरू होने का दावा कर रहे हो, लेकिन डिपो में पानी के अभाव में संचालन होना मुश्किल है। इतना ही नहीं पानी के अभाव में रोडवेज का सीसी मार्ग तक नहीं डल पा रहा है।
जिले में वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यातायात की सुविधा को सुगम बनाने के लिए रोडवेज डिपो का शिलान्यास किया था। इसके निर्माण को चार करोड़ 99 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। कार्यशाला के ऊपर से से निकली हाईटेंशन लाइन ने निर्माण कार्य रुक गया था। विभाग ने हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए विद्युत विभाग को इस्टीमेट की राशि का भुगतान की गई। इस प्रक्रिया में दो वर्ष का समय लग गया।
तय समय में निर्माण न होने से महंगाई बढ़ गई। इससे राशि कम पड़ गई। जिसके बाद रिवाइज इस्टीमेट भेजा और निर्माण राशि दो गुनी होकर नौ करोड़ 35 लाख तक पहुंच गई।
वर्तमान में विभागीय अधिकारी रोडवेज डिपो को शीघ्र ही चालू करने के दावे कर रहे हैं। निर्माण कार्य को अंतिम चरण में बता रहे हैं। जबकि वर्तमान में रोडवेज डिपो का मुख्य मार्ग तक भी पूरा बना हुआ है। कैंटीन भी तैयार हो गई है। लेकिन वर्कशॉप का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। साथ ही मुख्य भवन के पीछे मिट्टी समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन यहां पर सबसे बड़ी समस्या पानी का अभाव है। डिपो संचालन के लिए पानी सबसे अधिक जरूरी है। बसों की सफाई व कार्यशाला में पानी के बिना कार्य नहीं हो सकता है। वर्तमान में मुख्य भवन के सामने डाली जा रही सीसी सड़क का पानी के अभाव में निर्माण अधूरा पड़ा है।
जल संस्थान द्वारा पानी नहीं दिया जा सकता
रोडवेज डिपो ने पानी की सप्लाई के लिए जल संस्थान के लिए आवेदन किया था। जल संस्थान के पास नया सिस्टम लगवाने के लिए पैसों की अभाव है। पुराने स्थित बांस ग्रामीण में सप्लाई हो रही है। जल संस्थान द्वारा पानी नहीं दिया जा सकता है।
संजीव कुमार, सहायक अभियंता-जल संस्थान
रोडवेज डिपो में पानी की आवश्यकता है। पानी के अभाव में मुख्य भवन से हाइवे मार्ग तक डाले जाने वाले सीसी रोड का निर्माण रुका हुआ है।
हरीओम वर्मा, अवर अभियंता-रोडवेज डिपो